Tuesday, February 17, 2026
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लखनऊ की टीम ने स्वच्छ पेयजल व जल संरक्षण के महत्व को बताया

पुरस्कृत हुए चित्रकला प्रतियोगिता में सफल छात्र

कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)
संपूर्ण धरती पर जल की मात्रा 71 प्रतिशत है। इस 71 प्रतिशत का 3 प्रतिशत ही पीने योग्य पानी है। जिसका महज 0.6 प्रतिशत ही तरल रुप में मौजूद है, शेष बर्फ के रुप है। इसी पानी पर विश्व की आठ करोड़ की जनसंख्या सहित सभी जीव व जीवन चक्र निर्भर है। इसलिए हमें जल संरक्षण करना ही होगा।यह बातें सोमवार को दुदही के रकबा दुलमापट्टी गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पंचायत भवन व विद्यालयों में नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के तत्वावधान में राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अंतर्गत जागरुकता शिविर को संबोधित करते हुए लखनऊ से आई टीम के कोआर्डिनेटर अमित दुबे ने कही। कोआर्डिनेटर हिमांशु मिश्र ने कहा कि रोगों से शरीर को सुरक्षित रखना है तो उसके लिए हमें अपने खानपान विशेषत: पीने के पानी की शुद्धता पर ध्यान रखना होगा, क्योंकि विषैला पानी पीने से विभिन्न प्रकार की बीमारियां जन्म लेती हैं। वंदना तिवारी, मंगेश कश्यप आदि ने स्वच्छता की जांच की। स्वच्छता समिति के गठन के उपरांत आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में कु. सजरुन प्रथम, खुशबू द्वितीय व बंधन तृतीय स्थान प्राप्त किया जिन्हे टीम ने कलम देकर पुरस्कृत किया। इस अवसर पर प्रधान हैदर अली, शिक्षकगण धनन्जय मिश्र, नन्हे प्रसाद, ब्रजेश सिंह, नीतू यादव, अनिता कुशवाहा आदि मौजूद रहे।

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