Tuesday, March 17, 2026
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राजस्थान में ‘द जंगल वाइस “बंद आंखे” को मिला इंडियन आइकन अवार्ड

मानव वन्यजीव संघर्ष एवं पर्यावरण संरक्षण पर आधारित है पुस्तक बंद आंखे

राजस्थान के कोटा शहर में ज्ञान उदय फाउंडेशन की ओर से हुये सम्मानित

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा) । कर्तनिया वन्य जीव प्रभाग के घने जंगलो के समीप मिहींपुरवा के निवासी शिक्षक एवं स्वतंत्र पत्रकार मामून रशीद की ओर से पर्यावरण विषय पर आधारित पुस्तक “द जंगल वाइस ‘बंद आंखे’ को राजस्थान में पुरुस्कृत किया गया है।
राजस्थान के कोटा शहर में ज्ञान उदय फाउंडेशन की ओर से अगस्त माह में ही आइकन अवार्ड हेतु कई पुस्तक का चयन किया गया था। जिसके बाद आयोजको की ओर से सभी पुस्तकों की विषय वस्तु एवं वर्तमान समाज में पुस्तक की उपयोगिता आदि पर मंथन करते हुये पर्यावरण संरक्षण पर आधारित पुस्तक “द जंगल वाईस बंद आंखे” के लेखक को इंडियन आइकन अवार्ड 2023 से नवाज़ा गया।
पुस्तक के लेखक शिक्षक एवं स्वतंत्र पत्रकार मामून रशीद ने बताया कि अपने पिता वरिष्ठ साहित्यकार एम. रशीद जी की प्रेरणा से ही इस उपन्यास को लिख‍ सका हूं। इसमें जंगल के समीप आयदिन होने वाली हिंसक जीवों की घटना से त्रस्त ग्रामीणों के जीवन शैली का वर्णन है। इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य जन, जंगल और जीव जंतु के आपसी तालमेल और एक दूसरे की दोनो के प्रति निर्भरता को समाज के सामने लाना है जिससे मानव वन्यजीव संघर्ष रोकथाम एवं अवैध कटान हेतु ग्रामीण स्वयं जागरुक हो सकें। शिक्षक मामून रशीद ने बताया कि विमोचन से पूर्व ही “बंद आंखे” पुस्तक को सम्मान मिलने पर प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है लेकिन सम्मान की सूचना मेल पर देर से प्राप्त होने पर आनलाइन ही सम्मान प्राप्त कर सका।

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