Wednesday, March 18, 2026
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चनकौंली ग्राम पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं का मामला गरमाया, प्रधान के कबूलनामें का वीडियो वायरल

पुत्र व पुत्रवधू को मजदूरी भुगतान, निजी फर्म से खरीद दिखाकर निकासी को किया स्वीकार

करीब 18 लाख की भुगतान पर उठे सवाल 10 दिनों में रिपोर्ट देने का आश्वासन

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। महराजगंज जनपद के सिसवा विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चनकौंली में कथित वित्तीय अनियमितताओं और शासकीय धनराशि के दुरुपयोग का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। प्रशासनिक जांच के दौरान ग्राम प्रधान द्वारा अपनी गलतियों को स्वीकार किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को गांव में जांच की गई, जिसमें जांच अधिकारी ने वर्तमान में ग्राम विकास अधिकारी कार्यालय के रूप में संचालित विद्यालय भवन में बैठकर अभिलेखों की समीक्षा की और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। इस दौरान ग्राम प्रधान ने स्वीकार किया कि भूलवश अपने पुत्र और पुत्रवधू के खाते में मजदूरी का भुगतान कर दिया गया। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि ग्राम पंचायत में अपने पुत्र के निजी फर्म से खरीदारी दिखाकर धन निकासी की गई। इसके अलावा विद्यालय भवन की मरम्मत कार्य को ग्राम विकास अधिकारी कार्यालय के नाम पर कराए जाने और उस पर लाखों रुपये खर्च किए जाने की बात भी सामने आई है।
जांच के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने प्रधान और अधिकारियों के बयान अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिए, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव निवासी रामसनेही ने 12 जनवरी 2026 को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर शासकीय धन के दुरुपयोग तथा विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप लगाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए 11 फरवरी को जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कन्हैया यादव को प्रारंभिक जांच सौंपी गई थी।
जांच अधिकारी द्वारा 6 मार्च को खंड विकास अधिकारी सिसवा को संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन समय बीतने के बावजूद आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई। पहले यह जांच 12 मार्च को प्रस्तावित थी, जिसे बाद में स्थगित कर दिया गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान द्वारा स्वीकार की गई अनियमितताओं में करीब 18 लाख रुपये की धनराशि का भुगतान किया गया है। साथ ही विद्यालय भवन की मरम्मत में भी भारी धनराशि खर्च की गई है। इन आरोपों को लेकर गांव में काफी रोष है और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन भी किया है।
जांच अधिकारी ने मौके पर मौजूद लोगों को आश्वस्त किया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दस दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं।

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