🔴 सालों से गायब 10 केवीए ट्रांसफार्मर का ढांचा बरामद, पूरा सामान पहले ही चोरी


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत लखिमा में बिजली विभाग की भारी लापरवाही और सुनियोजित चोरी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। करीब एक वर्ष से गायब 10 केवीए ट्रांसफार्मर का केवल खाली ढांचा गांव के तालाब से बरामद हुआ है, जबकि इसके भीतर लगे सभी कीमती उपकरण पहले ही चोरी हो चुके थे। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली उपकरण सुरक्षा की पोल खोल दी है।
तालाब का जल स्तर कम होने के बाद सुबह टहलने निकले ग्रामीणों की नजर पानी में पड़ी भारी लोहे की संरचना पर पड़ी। नजदीक जाकर देखने पर पता चला कि यह वही 10 केवीए ट्रांसफार्मर है, जो पिछले साल रहस्यमय तरीके से पोल से गायब हो गया था। ग्रामीणों ने तुरंत बिजली विभाग को सूचना दी, जिसके बाद विभागीय कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर ट्रांसफार्मर को तालाब से बाहर निकलवाया।

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विद्युत विभाग के अवर अभियंता जुगनू अंसारी ने बताया कि ट्रांसफार्मर के गायब होने की सूचना करीब एक वर्ष पहले मिली थी। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि ट्रांसफार्मर चोरी एक सुनियोजित योजना के तहत की गई। पहले ट्रांसफार्मर को तालाब में छिपाया गया और फिर समय-समय पर उसके भीतर लगे कॉपर कॉयल, ऑयल और अन्य कीमती पुर्जे निकालकर बाजार में बेच दिए गए। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है।
इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि जब 10 केवीए ट्रांसफार्मर पोल से गायब हुआ था, तब न तो लाइनमैन ने गंभीरता दिखाई और न ही संबंधित जेई या उच्च अधिकारियों ने इसकी खोजबीन कराई। यदि समय रहते जांच होती, तो लाखों रुपये के बिजली उपकरण चोरी होने से बचाए जा सकते थे।

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एक वर्ष तक ट्रांसफार्मर का कोई सुराग न मिलना, बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही और निगरानी की कमी के कारण ऐसे अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। इस घटना के बाद क्षेत्र में बिजली ट्रांसफार्मर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में ट्रांसफार्मरों की नियमित निगरानी, जीपीएस टैगिंग और समय-समय पर भौतिक सत्यापन न होने के कारण ट्रांसफार्मर चोरी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। यदि विभाग समय रहते सख्त कदम नहीं उठाता, तो आने वाले समय में बिजली आपूर्ति और राजस्व दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

Editor CP pandey

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