एसआईआर विवाद: सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार बनाम प्रक्रिया पर सवाल

एसआईआर मामला: सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस, ममता बनर्जी ने सीजेआई के सामने लगाई न्याय की गुहार


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर (Special Investigation Report) मामले को लेकर ज़ोरदार बहस जारी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई हो रही है। इस अहम सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं कोर्ट रूम में मौजूद रहीं, जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल वर्चुअल माध्यम से बहस में शामिल हुए।
सुनवाई की शुरुआत राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने की। उन्होंने अदालत में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ पेश करते हुए न्यायाधीशों से उन्हें देखने और ऑनलाइन सार्वजनिक (publish) करने का अनुरोध किया। श्याम दीवान ने दलील दी कि मामले में जिस “तार्किक विसंगति” की बात कही जा रही है, उसका कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए ताकि प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

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सुनवाई के दौरान बदली सीट, पहली पंक्ति में बैठीं ममता
शुरुआत में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आगे की पंक्ति में नहीं बैठीं थीं, लेकिन सुनवाई शुरू होने के कुछ समय बाद उन्होंने अपनी सीट बदल ली और पहली पंक्ति में आकर बैठ गईं। यह दृश्य कोर्ट रूम में मौजूद लोगों के लिए खासा ध्यान आकर्षित करने वाला रहा।
32 लाख लोगों की सुनवाई शेष, समयसीमा पर सवाल
राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि अंतिम सूची प्रकाशित करने के लिए केवल 11 दिन शेष हैं, जबकि अभी करीब 32 लाख लोगों की सुनवाई बाकी है। दलील दी गई कि यदि चार दिनों में प्रक्रिया पूरी करनी है तो प्रतिदिन लगभग 15 लाख लोगों की सुनवाई करनी होगी, जो व्यावहारिक रूप से कठिन है। कई स्थानों पर लोग चार से पांच घंटे तक लाइन में इंतजार कर रहे हैं, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है।
कपिल सिबल की बहस के बीच मुख्यमंत्री की भावुक अपील
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल की दलील के दौरान ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बोलने की कोशिश की। इस पर न्यायाधीशों ने उन्हें बोलने की अनुमति दी। मुख्यमंत्री ने पहले अदालत का धन्यवाद किया और फिर भावुक स्वर में कहा—
“हमें न्याय नहीं मिल रहा है। मैंने राष्ट्रीय चुनाव आयोग को छह बार पत्र लिखा, लेकिन एक बार भी जवाब नहीं मिला।”
उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद को “एक आम आदमी” मानती हैं और शायद उनकी बात को कम महत्व दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने देश की स्थिति की तुलना बेनजीर भुट्टो जैसे हालात से करते हुए न्याय की गुहार लगाई। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने विधिवत मुकदमा दायर किया है और उसकी पैरवी कपिल सिबल कर रहे हैं, इसलिए मामले को कानून के दायरे में ही सुना जाएगा।
7 फरवरी तक चलेगी सुनवाई
अदालत ने संकेत दिए हैं कि एसआईआर मामला सुप्रीम कोर्ट में यह सुनवाई 7 फरवरी तक जारी रह सकती है। इस दौरान सभी पक्षों की दलीलें सुनकर कोर्ट आगे का फैसला करेगा।

Editor CP pandey

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