गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में अत्याधुनिक परीक्षा मूल्यांकन भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। वर्तमान में भवन में एसी एवं जनरेटर की स्थापना का कार्य प्रगति पर है, जिसके पूर्ण होते ही इसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
इस परियोजना के तहत विश्वविद्यालय परिसर में प्राचीन इतिहास विभाग के पीछे लगभग 13,000 वर्गफीट क्षेत्रफल में दो मंजिला भवन का निर्माण किया गया है। करीब 8.5 करोड़ रुपये की लागत से बने इस भवन का शिलान्यास राज्यपाल/ कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल द्वारा किया गया था, जिसमें 75 प्रतिशत व्यय राज्य सरकार तथा 25 प्रतिशत विश्वविद्यालय ने वहन किया है।
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कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि भवन में चार विशाल और सुव्यवस्थित हॉल बनाए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में परीक्षक एक साथ बैठकर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि 24 मार्च 2026 को आयोजित विकास समिति की बैठक में इन हॉलों के लिए एसी क्रय एवं स्थापना, विद्युत बैकअप हेतु जेन-सेट की व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
उन्होंने कहा कि सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के बाद वर्ष में दो बार मूल्यांकन कार्य होता है, जिससे पहले सीमित स्थान और संसाधनों के कारण परीक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नया भवन इन समस्याओं का स्थायी समाधान प्रदान करेगा और मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक सरल और प्रभावी बनाएगा।
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