बलिया (राष्ट्र की परम्परा)
शिक्षामित्रों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से सम्बंधित मांगों को लेकर रविवार को राज्यसभा सांसद नीरज शेखर व बांसडीह विधायक केतकी सिंह से उनके आवास पर मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा। दोनों ने शिक्षामित्रों की बातों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।अलग-अलग राज्यसभा सांसद व विधायक से मिले शिक्षामित्रों ने बताया कि पिछले 20-22 वर्षों से शिक्षामित्र प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत हैं। सभी के पास शिक्षक के लिए आवश्यक योग्यता, स्नातक व बीटीसी है। इसके बावजूद उन्हें मात्र दस हजार रुपए में काम करना पड़ रहा है। उनके मानदेय में पिछले पांच वर्ष में एक रूपये की भी बढ़ोतरी नहीं हुई है। इतने कम पैसे में परिवार का भरण पोषण नहीं हो पा रहा हैं। शिक्षामित्रों ने प्रतिमाह 40 हजार मानदेय दिलाने की मांग की। इसके साथ महिला शिक्षामित्रों को उनके ससुराल के पास के विद्यालय में स्थानांतरित करने, पुरुष शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय में वापसी के लिए एक अवसर देने, आकस्मिक अवकाश को शिक्षकों की तरह एक जनवरी से 31 दिसंबर तक मान्य करने की भी मांग की। आश्वासन मिला कि वह बहुत जल्द मुख्यमंत्री से मिलकर शिक्षामित्रों की समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास करेंगे।
इस दौरान प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष पंकज सिंह के अलावा निर्भय नारायण राय, राकेश पांडेय,संजीव सिंह, धर्मनाथ सिंह स्यामनंदन मिश्रा,अजय सिंह, ब्रजेश राम, आशुतोष वर्मा, अवधेश कुमार, मिर्तुंजय सिंह, तेजनारायण सिंह, शीत प्रजापति, बिनय कुमार , मंजूर हुसैन, विनोद वर्मा, शिव कुमार सिंह, निर्भय कुशवाहा,, मनोज शर्मा, अवधेश भारती, अक्षय लाल, हरेराम यादव, राजीव कुमार, वसुंधरा राय, पूनम तिवारी, डिम्पल सिंह आदि मौजूद थे।
बरहज /देवरिया (राष्ट्र की परम्परा )। गोताखोर सुरेंद्र साहनी की मौत के बाद बरहज क्षेत्र…
07 फरवरी 2026 को कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि, चित्रा नक्षत्र और कन्या राशि में…
दिसंबर 2025 की परीक्षा में सौ से अधिक विद्यार्थियों को सफलता, हिंदी विषय से सर्वाधिक…
सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। सिकंदरपुर-बेल्थरा मार्ग पर शुक्रवार को हुई दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं ने…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयूजीयू) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त पहचान…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।विकासखंड परतावल के ग्राम पिपरपाती तिवारी में उस समय उत्सव जैसा माहौल…