महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पर्यटन की दृष्टि से गए हिंदूओं को धर्म और नाम तथा कपड़ा निकाल कर 27 लोगों की हत्या, आतंकवादियों की क्रूरता की कार्यवाही है। आतंकवादियों की क्रूरता अब बर्दाश्त से बाहर, देश में होगा उबाल। उक्त बातें विश्व हिंदू महासंघ के जिला प्रभारी एवं ब्रह्मस्थान मठ जोगिया के महंत बालक दास ने एक प्रेस नोट के माध्यम से कहीं। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल आतंकवादियों पर सरकार कड़ी कार्यवाही करें। आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता ऐसा कहना थोथा विचार है। उन्होंने यह भी कहा कि आज हमारे देश में आतंकवाद को भी जायज ठहराया जाता है। मैं ऐसे लोगों को चेतावनी देता हूं कि इस घटना से सबक ले ,नहीं तो न कुर्सी मिलेगी न धर्म बचेगा न देश बचेगा ।अगर वह बच गए तो सिर्फ विधवा विलाप करना होगा। प भाजपा के जिला प्रतिनिधि निहाल सिंह ने अपने संबोधन में कहां
कि आज आतंकवादियों का विरोध अगर हम लोगों द्वारा किया जाता है तो तथाकथित धर्मनिरपेक्ष नेता इसका विरोध करना शुरू कर देते हैं। आतंकवाद को जायज ठहरा कर सीढ़ी बनाने का काम करते हैं।इस नाते मैं उन लोगों को चेतावनी देता हूं कि देश के साथ राजनीति मत करें। शारीरिक पहचान कर एक हिन्दू धर्म विशेष के लोगों को हत्या एक बड़ी साजिश है। हमारी सरकार उनको बेनकाब भी करेगी और उनको दंड भी देगी । जाति की राजनीति करने वाले लोग हैं उनसे मेरा निवेदन है कि वह एक महीना चुप रहें और देश की बात करें ।चुनाव आयेगा तो जाति की भी राजनीत कर लेंगे।उन्होंने यह भी कहा कि जब धर्म बचेगा तो ही जाति रहेगी।अन्यथा धर्म ही बदलना पड़ेगा। इसी क्रम में हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक सदस्य डॉ मृगेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि जेहादी मानसिकता के लोगों द्वारा देश और विदेश में हिंदू धर्म को मिटाने की साजिश की जा रही है। वह कभी सफल नहीं होगी हमें देश के अंदर और देश के बाहर जिहादी मानसिकता के लोगों पर कार्यवाही करनी होगी।उन्हें हराना होगा ताकि हिंदू सुरक्षित रहे। और हिंदुओं से विधवा विलाप करने वाले नेताओं से सावधान रहना होगा जो जाति पाति का खेल खेलते हैं।
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