हिसार/हरियाणा(राष्ट्र की परम्परा)
संसद में मचता गदर, है चिंतन की बात।
हँसी उड़े संविधान की, जनता पर आघात।।
भाषा पर संयम नहीं, मर्यादा से दूर।
संविधान को कर रहे, सांसद चकनाचूर।।
दागी संसद में घुसे, करते रोज मखौल।
देश लुटे लुटता रहे, खूब पीटते ढोल।।
जन जीवन बेहाल है, संसद में बस शोर।
हित सौरभ बस सोचते, सांसद अपनी ओर।।
संसद में श्रीमान जब, कलुषित हो परिवेश।
कैसे सौरभ सोचिए, बच पायेगा देश।।
लोकतंत्र अब रो रहा, देख बुरे हालात।
संसद में चलने लगे, थप्पड़, घूसे, लात।।
जनता की आवाज का, जिन्हें नहीं संज्ञान।
प्रजातंत्र का मंत्र है, उन्हें नहीं मतदान।।
हमें आज है सोचना, दूर करे ये कीच।
अपराधी नेता नहीं, पहुंचे संसद बीच।।
अपराधी सब छूटते, तोड़े सभी विधान।
निर्दोषी है जेल में, रो रहा संविधान।।
लखनऊ/कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही तेज बारिश और आंधी…
देवरिया में आंधी-तूफान के बीच सदर विधायक ने संभाली कमान देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। शनिवार…
भाजपा बूथ अध्यक्ष रोहित कुमार मद्धेशिया देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। शहर के न्यू कॉलोनी क्षेत्र…
वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा)। लोहता थाना क्षेत्र में शनिवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में…
पटना (राष्ट्र की परम्परा)। बिहार में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। अगले…
रांची (राष्ट्र की परम्परा)। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 की तैयारी कर रहे लाखों…