गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
रामलीला मैदान अधियारीबाग में विजयदशमी के अवसर पर मुख्यमंत्री एवं गोरखपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने भगवान राम, लखन, सीता, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान की आरती उतारी और अपने सम्बोधन में राम और हनुमान की महिमा का उल्लेख किया।कार्यक्रम का आयोजन रामलीला मैदान में पारंपरिक तिलकोत्सव और शोभायात्रा का आयोजन हुआ जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान का तिलक कर उनकी आरती की।शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान तक गई, जिसमें प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सम्बोधन में भगवान राम और हनुमान के आदर्शों की चर्चा की।उन्होंने कहा कि भगवान राम ने जीवन में अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए धर्म और मर्यादा की स्थापना की, वहीं हनुमान ने समर्पण और सेवा की मिसाल पेश की। मुख्यमंत्री ने लोगों को भारतीय संस्कृति और रामायण के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। सांस्कृतिक परंपरा का महत्वयोगी आदित्यनाथ ने रामलीला समारोह को गोरखपुर की सांस्कृतिक पहचान बताया और इसे धर्म, आस्था, सामाजिक एकता व नैतिकता का पर्व कहा। गोरक्ष पीठाधीश्वर के तौर पर वे हर वर्ष इस परंपरा का निर्वाह करते हैं और गोरखनाथ मंदिर में विशेष पूजा का भी आयोजन करते है।इस आयोजन ने न केवल गोरखपुर बल्कि पूरे पूर्वांचल में धर्म, आस्था और संस्कृति का संदेश दिया।
