Friday, February 20, 2026
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मानक विहीन निर्माण से चोरघाटा पुल का एप्रोच मार्ग टूटा, ग्रामीणों में आक्रोश

सादुल्लानगर/ बलरामपुर(राष्ट्र की परम्परा)। बलरामपुर-सिद्धार्थनगर की सीमा पर करोड़ों रुपये की लागत से बन रहा बहुचर्चित चोरघाटा पुल एक बार फिर विवादों में आ गया है। निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ था कि पुल का एप्रोच मार्ग मिट्टी के दबाव से टूट गया। एप्रोच की रिटेनिंग वॉल में गंभीर दरारें भी देखी गईं, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया है।यह पुल दोनों जिलों के दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग माना जा रहा था, लेकिन निर्माण में लापरवाही और घटिया सामग्री के उपयोग की आशंका ने पुल की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासी अनवर अली ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा, “जब पुल बनने से पहले ही टूट गया, तो बड़ी गाड़ियाँ इस पर कैसे चलेंगी? स्पष्ट है कि इसमें भारी भ्रष्टाचार हुआ है, सरकार को इसकी जांच कर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।”
निर्माण स्थल पर कार्यरत मिस्त्री राजन ने अपनी ओर से सफाई दी, “मिट्टी का दबाव ज्यादा था, इसलिए एप्रोच टूटा। पुल की संरचना मजबूत है और इसमें 8 एमएम का सरिया लगाया गया है। काम ठीक से चल रहा है।”
गौरतलब है कि चोरघाटा पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2014 में शुरू हुआ था, लेकिन कई बार अवरोध आने के कारण यह अधर में लटक गया। गोंडा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह के प्रयासों से कार्य दोबारा शुरू हुआ, लेकिन अब एप्रोच मार्ग टूटने की घटना ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
ग्रामीण मधुरिमा देवी ने चिंता जताते हुए कहा, “बरसात में नदी पार करना पहले से ही मुश्किल होता है। हमें लगा था कि पुल बनने से राहत मिलेगी, लेकिन अब डर है कि कहीं यह जानलेवा न साबित हो जाए।”
स्थानीय ग्रामीणों वारिस अली, राम सजीवन, चिनगुद, बरसाती और चैतराम ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों ने घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया और निर्माण कार्य में अनियमितताएं हुई हैं।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी उतरौला राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि निर्माण कार्य की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।।

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