Saturday, February 21, 2026
Homeउत्तर प्रदेशआम्बा घाट पर थारू जनजाति ग्रामीणों संग लगाई चौपाल

आम्बा घाट पर थारू जनजाति ग्रामीणों संग लगाई चौपाल

हिंसक वन्य जीव से बचाव के लिए पम्पलेट वितरित कर जागरूक किया

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा) मिहींपुरवा । कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग में ग्लोबल टाईगर्स डे मनाने के बाद कतर्नियाघाट फ्रेंड्स क्लब की टीम ने आम्बाघाट पर थारू जनजाति ग्रामीणों संग चौपाल लगाकर हिंसक वन्य जीव से बचाव के टिप्स, पंपलेट और बिस्किट वितरित कर जागरूक किया । जागरूकता के इस कार्यक्रम में आम्बा, विशुनापुर , रमपुरवा, फकीरपुरी और बर्दिया के पुरुष और महिलाएं शामिल रहीं, ज्ञात हो कि अभी 04 दिन पहले आम्बाघाट स्थित गेरुआ नदी से एक अंजली नाम की महिला लापता हो गयी है, महिला नदी में बह गयी या मगरमच्छ द्वारा खींच ले गया इसका अभी तक पता नहीं चल सका है। और उसका शव भी अभी तक नहीं मिला है, पूर्व में भी आम्बाघाट स्थित गेरुआ नदी और उसके पास पड़ने वाले जंगल में अनेक दुःखद घटनाएं हो चुकी हैं ।
चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों को कतर्नियाघाट फ्रेंड्स क्लब के अध्यक्ष भगवान दास लखमानी ने बताया कि जो भी ग्रामीण आम्बा घाट पर गाय, भैंस और बकरी चराने के लिए आते हैं जानबूझकर अपनी जान को खतरे में न डालें, गेरुआ नदी से दूर रहें क्योंकि गेरुआ नदी में बड़ी संख्या में खतरनाक मगरमच्छ मौजूद हैं, इसके साथ ही गेरुआ नदी से लगे जंगल में अपने मवेशी चराने मत जाएं, क्योंकि नदी से लगे जंगल में जंगली हाथी, बाघ और तेंदुए विश्राम करने, प्रजनन करने आते हैं । नर बाघ और तेंदुए मेटिंग के समय उनके प्राकृतिकवास में दखल होने और बाघिन और मादा तेंदुआ बच्चे संग होने पर और ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं । इस अवसर पर क्लब सचिव राजीव श्रीवास्तव क्लब सदस्य मिथिलेश जायसवाल गौरैया संरक्षक, विजय जायसवाल और बड़ी संख्या में थारू पुरुष और महिलाएं मौजूद रहे ।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments