थाईलैंड (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वोत्तर थाईलैंड में बुधवार सुबह एक भीषण रेल हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। एक यात्री ट्रेन उस समय पटरी से उतर गई, जब एक निर्माणाधीन हाई-स्पीड रेल परियोजना की भारी क्रेन ट्रेन की तीन बोगियों पर गिर पड़ी। इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक कम से कम 19 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 80 यात्री घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में अभी भी कुछ शव फंसे होने की आशंका है।
कहां और कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा नाखोन राचासीमा प्रांत के सिखियो जिले में हुआ, जो राजधानी बैंकॉक से लगभग 230 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है। दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन बैंकॉक से उबोन राचाथानी की ओर जा रही थी।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही ट्रेन घटनास्थल से गुजर रही थी, उसी दौरान ऊपर बन रही एलिवेटेड हाई-स्पीड रेल लाइन की क्रेन अचानक ढह गई और सीधे ट्रेन की तीन बोगियों पर गिर पड़ी। जोरदार टक्कर के बाद ट्रेन पटरी से उतर गई और कुछ समय के लिए आग भी लग गई।
मलबे में फंसे शव, रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा
स्थानीय पुलिस अधिकारी कर्नल थाचापोन चिननावोंग ने बताया कि अब तक 19 शव बरामद किए जा चुके हैं, लेकिन कुछ शव अब भी बोगियों के अंदर फंसे हुए हैं।
क्रेन के और हिलने की आशंका के कारण बचाव दल को अस्थायी रूप से पीछे हटना पड़ा, क्योंकि स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। रेस्क्यू टीमें भारी मशीनरी की मदद से मलबा हटाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए काम बेहद सावधानी से किया जा रहा है।

ये भी पढ़ें – Iran Protest Crisis: ईरान में 2,571 मौतें, ट्रंप की खुली चेतावनी—‘प्रदर्शन जारी रखें, मदद रास्ते में है’
195 यात्री थे सवार, दो बोगियों में सबसे ज्यादा तबाही
थाईलैंड के परिवहन मंत्री फिफात राचकिटप्रकार्न ने बताया कि ट्रेन में कुल 195 यात्री सवार थे। जिन यात्रियों की मौत हुई, वे मुख्य रूप से उन दो बोगियों में थे, जिन पर क्रेन सीधे गिरी थी।
मंत्री ने हादसे की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश देते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हाई-स्पीड रेल परियोजना की सुरक्षा पर उठे सवाल
जिस क्रेन के गिरने से यह हादसा हुआ, वह निर्माणाधीन एलिवेटेड हाई-स्पीड रेल लाइन के काम में लगी थी, जो मौजूदा रेलवे ट्रैक के ऊपर बनाई जा रही थी।
थाईलैंड में कई हाई-स्पीड रेल परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, लेकिन इस भीषण हादसे ने निर्माण सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ये भी पढ़ें – शरद पवार–अजित पवार की नजदीकी पर सियासी हलचल तेज
