शिक्षकों व कर्मचारियों को आपदा की घड़ी में मिलेगी आर्थिक मदद
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। नेटवर्क, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के कल्याण के लिए समर्पित संस्था टीचर्स सेल्फ केयर टीम (टीएससीटी) ने मंगलवार को एक नई पहल ‘जीवनदान-महाअभियान’ की शुरुआत की। यह योजना आपातकालीन परिस्थितियों में बीमार शिक्षकों व सहयोगी कार्मिकों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। जिला मीडिया प्रभारी आशुतोष ने बताया कि इस ऐच्छिक योजना के तहत वैधानिक सदस्यों को गंभीर बीमारी की स्थिति में पांच लाख रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ एनईबीआई समूह को मिलेगा, जो टीएससीटी से जुड़े सहयोगी दलों का हिस्सा है।
योजना का लाभ लेने के लिए टीएससीटी के सदस्य को 200 रुपये की सहायता राशि जमा करनी होगी, जिसकी रसीद संबंधित पोर्टल या ऐप पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। यह योजना संगठन की ‘मृत्यु के बाद सहायता योजना’ का भी हिस्सा है, जिसमें नियमित रूप से सहायता करने वाले सदस्य ही पात्र होंगे।
बताया गया कि सहायता राशि हर माह नहीं, बल्कि तीन से छह महीने के भीतर एकमुश्त एकत्र की जाएगी। साथ ही योजना से संबंधित लाभार्थियों और सहायता हेतु प्राप्त आवेदनों का विवरण सार्वजनिक किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। टीएससीटी से जुड़े शशि थरथरा ने कहा कि “‘जीवनदान-महाअभियान’ एक मानवीय प्रयास है, जो संकट की घड़ी में राहत का कार्य करेगा।” उन्होंने सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व कर्मचारियों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की।
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