पटना (राष्ट्र की परम्परा)। बिहार शिक्षा विभाग द्वारा जारी ‘निपुण बालमंच’ ई-पत्रिका के तीसरे अंक में राज्यभर के शिक्षकों और विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिव्यक्तियों को स्थान दिया गया है। इस अंक में पूर्वी चंपारण के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय खुटौना यादव टोला, पताही के शिक्षक मृत्युंजय कुमार की दो कविताएँ— “स्कूल चले हम” और “आओ खेलें खेल” — प्रकाशित की गई हैं।
शिक्षक मृत्युंजय कुमार देश की सबसे बड़ी प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी “टीचर्स ऑफ बिहार” के प्रदेश मीडिया संयोजक भी हैं। उनकी कविताओं को ई-पत्रिका में स्थान मिलने से शिक्षकों और विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल है।
निपुण बालमंच ई-पत्रिका शिक्षा विभाग की एक नवाचारी पहल है, जिसका उद्देश्य बच्चों और शिक्षकों में रचनात्मकता, लेखन और अभिव्यक्ति कौशल को बढ़ावा देना है। इस त्रैमासिक पत्रिका में कहानियाँ, कविताएँ, चित्रकला और विविध रचनात्मक गतिविधियाँ शामिल की गई हैं।
पत्रिका के संपादकीय संदेश में बच्चों को संदेश दिया गया है— “कल्पना की दुनिया में खो जाइए! बालमंच का तीसरा अंक आपके सामने है, जिसमें मज़ेदार कहानियाँ, कविताएँ और गतिविधियों का खजाना है।”
इस अवसर पर शिक्षक मृत्युंजय कुमार ने कहा, “निपुण बालमंच जैसी पहल शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए प्रेरणादायक है। मेरी कविताओं को इसमें स्थान मिलना न केवल व्यक्तिगत सम्मान है, बल्कि यह सभी शिक्षकों के लिए एक संदेश है कि शब्दों और विचारों से बच्चों के मन में सृजनात्मक ऊर्जा भरी जा सकती है।”
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