शिल्पकार की भांति बच्चों को गढ़कर योग्य नागरिक बनाता है शिक्षक- बीईओ

कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)
शिक्षक की सेवा अद्वितीय होती है। कारखानों और अन्य संस्थाओं में काम करने वाले अधिकांश लोगों का संबंध निर्जीव तत्वों से होता है, लेकिन एक शिक्षक का संबंध बच्चों से होता है, जिनका मन सदैव उछलकूद करता रहता है। बच्चों के मन को काबू करके उनको शिक्षित करने का काम एक कुशल शिक्षक ही कर सकता है। यह बातें बीईओ पंकज सिंह ने कही। वह पडरौना ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय भिसवा सरकारी में कार्यरत अध्यापक महेंद्र लाल श्रीवास्तव के विदाई समारोह को संबोधित कर रहे थे। भाजपा नेता मार्कंडेय शाही ने कहा कि सेवानिवृत्त गुरुजन ने एक शिल्पकार की भांति बच्चों को गढ़कर देश के योग्य नागरिक बनाने का काम आजीवन किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रति समर्पण के साथ-साथ इसे जीवन मंत्र बनाने के लिए शिक्षकों की सराहना की जानी चाहिए। नोडल शिक्षक संकुल संजय सिंह ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान इंद्रजीत मणि त्रिपाठी ,प्रवीण पाण्डेय, प्रज्ञा पाण्डेय, मेहरुद्दीन अली, संदीप राय , श्रीनिवास शर्मा, अमृतलाल, संगीता यादव, अतिक्षा मिश्रा, निवेदिता, धीरज गुप्ता, सुधीर श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

rkpnews@somnath

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