गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा) । महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के सहयोग से “विकसित भारत यूथ कनेक्ट कार्यक्रम” का आयोजन “नशा मुक्त युवा-विकसित भारत” विषय पर किया गया। कार्यक्रम में युवाओं को नशामुक्त जीवनशैली अपनाने, सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। इसमें शिक्षक, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। मेघा शर्मिष्ठा और अनुष्का गोयल ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों का अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया।
स्वागत भाषण में विश्वविद्यालय के नशामुक्ति नोडल अधिकारी डॉ. दिलीप मिश्रा ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास को भी प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा, ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करने तथा समाज में नशामुक्ति के प्रति व्यापक जनजागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता एवं यूथ आइकन प्रियांशु भारद्वाज ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा नशामुक्त, स्वस्थ, शिक्षित और जागरूक होगा। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ परिवार, मित्रों और समाज को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने डिजिटल साक्षरता, सामाजिक सेवा और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर भी बल दिया।
डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि योग और ध्यान युवाओं को मानसिक रूप से सशक्त बनाते हैं तथा तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं पर नियंत्रण में मदद करते हैं। वहीं इंजीनियर उदयभान यादव ने कहा कि योग, प्राणायाम और मेडिटेशन युवाओं को मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच प्रदान करते हैं, जिससे वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. धनंजय पांडेय ने राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह युवाओं में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करती है। उन्होंने स्वयंसेवकों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन अनुमेशा मिश्रा और राघवेंद्र शुक्ला ने संयुक्त रूप से किया। समापन पर मेघा शर्मिष्ठा और अनुष्का गोयल ने वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान की प्रस्तुति दी। अंत में सभी छात्र-छात्राओं और स्वयंसेवकों ने नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने, स्वयं नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस अवसर पर डॉ. अमित उपाध्याय, अनिल कुमार पटेल, डॉ. रवि निषाद, साध्वी नंदन पांडे, विकास कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
रोटरी क्लब के सहयोग से छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने किया पौधरोपण, कुलपति ने पर्यावरण…
संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री पर प्रभावी अंकुश…
मेंहदावल के लहरौली ठाकुराई गांव में सड़क निर्माण पर विवाद, किसान ने पीडब्ल्यूडी व ठेकेदार…
बलिया (राष्ट्र क़ी परम्परा ) विद्युत उपकेंद्र सोनवानी की बिजली आपूर्ति व्यवस्था एक बार फिर…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय इतिहास को विदेशी यात्रियों के वृत्तांतों और औपनिवेशिक इतिहासकारों के…
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) ने जनपद कुशीनगर के गंगा छपरा,…