शिक्षा में असमानता: सपनों पर भारी होती अमीरी-गरीबी की खाई
(शिक्षा डेस्क – राष्ट्र की परम्परा)शिक्षा को किसी भी समाज की प्रगति और समानता की सबसे सशक्त आधारशिला माना जाता है। यही वह माध्यम है, जो व्यक्ति को उसकी सामाजिक-आर्थिक…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
(शिक्षा डेस्क – राष्ट्र की परम्परा)शिक्षा को किसी भी समाज की प्रगति और समानता की सबसे सशक्त आधारशिला माना जाता है। यही वह माध्यम है, जो व्यक्ति को उसकी सामाजिक-आर्थिक…
धर्मवीर भारती आधुनिक हिन्दी साहित्य के उन रचनाकारों में हैं, जिन्होंने लेखन को केवल सौंदर्यबोध तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे मनुष्य की पहचान, उसके अंतर्द्वंद्व और उसके सामाजिक सच…
शिक्षा डेस्क- राष्ट्र की परम्परा लेखक – सोमनाथ मिश्र शिक्षा को सामाजिक समानता औरआत्मनिर्भरता का सबसे सशक्त माध्यम माना जाता है। लेकिन भारत जैसे देश में, जहाँ “सबके लिए शिक्षा”…
देश में लड़कियों की शिक्षा को लेकर पिछले एक दशक में नीतिगत स्तर पर कई बड़े कदम उठाए गए हैं। छात्रवृत्ति योजनाएं, मुफ्त साइकिल वितरण, यूनिफॉर्म सहायता, आवासीय विद्यालय, डिजिटल…
आलेख-बादल सरोज इस सप्ताह शुरुआत राजनाथ सिंह ने की। उन्हें कुछ लोग उनकी पार्टी के रेवड़ में अलग तरह की – कम मरखनी, कम कटखनी प्रजाति — का मानते हैं।…
सोमनाथ मिश्रा की कलम सेराष्ट्र की परम्परा। डिजिटल क्रांति के इस दौर में सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन या अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं रहा, बल्कि यह किशोरों के जीवन, आदतों, निर्णय…
(राष्ट्र की परम्परा) तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण, औद्योगिक परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण की नीतियों ने भारत की खेती-किसानी पर गहरा असर डाला है। विकास की चमकदार निगाहों से दूर, गाँवों…
मैरवा (राष्ट्र की परम्परा)।मैरवा रेलवे स्टेशन के पश्चिमी समपार फाटक (ढाला) पर रेलवे द्वारा ट्रैक के निर्माण व मरम्मत कार्य तेज़ी से जारी है। निर्माण एजेंसी और रेलवे अधिकारियों के…
भारत में सरकारी अस्पताल गरीबों और आम जनता के लिए जीवनरेखा माने जाते हैं, क्योंकि यहां इलाज लगभग मुफ्त या कम लागत पर उपलब्ध होता है। लेकिन इसी व्यवस्था के…
(राष्ट्र की परम्परा) भारत में चाइल्ड लेबर पर सख्त कानून मौजूद हैं, फिर भी सड़कों, ढाबों, फैक्ट्रियों और घरों में आज भी हजारों मासूम बच्चे मजदूरी करने को मजबूर हैं।…
(राष्ट्र की परम्परा) देश में बीते कुछ वर्षों के दौरान शासन-प्रशासन को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए डिजिटल इंडिया, ई-गवर्नेंस, सिंगल विंडो सिस्टम और ऑनलाइन सेवाओं की शुरुआत की…
मुंबई(राष्ट्र की परम्परा)स्वच्छता ही सभ्यता का अलंकरण है। इस सुविचार को ध्यान में रखते हुए अंधेरी विधानसभा वार्ड ७९ में मुंबई भाजपा सचिव अजय तिवारी और अजय चेरिटेबल ट्रस्ट की…
देश की सड़कें पहले से कहीं अधिक तेज़ हो चुकी हैं, लेकिन इसी रफ्तार ने हजारों जिंदगियों को हर साल थाम लिया है। सड़क दुर्घटनाएँ अब केवल एक दुर्घटना नहीं,…
कैलाश सिंह महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।संस्कार किसी भी समाज की पहचान होते हैं — वह धरोहर जिसमें हमारा अतीत भी बसा होता है और भविष्य का रास्ता भी छिपा होता…
पर्यावरणीय आपातकाल और सीमित राजस्व—क्या आर्थिक दंड ही हरित भविष्य का मार्ग बना सकता है?** भारत विश्व के उन देशों में है जहाँ वायु, जल और मिट्टी का प्रदूषण तीव्र…