मिट्टी का मनुष्य, चेतना का परमात्मा: आत्मचिंतन और मानव अस्तित्व पर गहन दृष्टि
कैलाश सिंहमहराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मनुष्य का शरीर मिट्टी से बना है—नश्वर, सीमित और क्षणभंगुर—लेकिन उसके भीतर विद्यमान चेतना ही उसे अन्य जीवों से अलग पहचान देती है। यही चेतना…
