जब अपने ही पराएं हो जाएं —जीवन की सबसे कड़वी हकीकत
कैलाश सिंह गुमा थी गुलशन में बहार देखेंगे,अपनी आंखों में अपने बच्चों का प्यार देखेंगे,क्या खबर थी ऐ मालिक…कि अपने ही आंगन में अपनी मजार देखेंगे। महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
कैलाश सिंह गुमा थी गुलशन में बहार देखेंगे,अपनी आंखों में अपने बच्चों का प्यार देखेंगे,क्या खबर थी ऐ मालिक…कि अपने ही आंगन में अपनी मजार देखेंगे। महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।…