भारतीय लोकतंत्र

भारत का गणतंत्र तभी सार्थक है, जब अंतिम व्यक्ति तक अधिकार पहुँचे

छिहत्तर वर्ष, जीवन का तीन-चौथाई सफ़र,आज़ादी के शताब्दी पर्व तक अबकेवल चौबीस वर्ष शेष हैं,यह समय भारत के लिए निर्णायक…

1 month ago

शिक्षा, सत्ता और संवैधानिक विवेक: भारतीय लोकतंत्र का कठिन प्रश्न

जब पढ़ा खड़ा हो और अनपढ़ बैठा हो: लोकतंत्र में शिक्षा का अपमान डॉ. सत्यवान सौरभ किसी भी सभ्य समाज…

1 month ago

मतदाता सूची से लोकतंत्र की कटाई: क्या भारत फासीवाद की दहलीज पर है?

राजेन्द्र शर्मा नये साल, 2026 में फासीवाद के आगमन की रफ्तार और तेज होती लगती है। कम से कम नये…

1 month ago

नारे गूंजे, नीतियां डगमगाईं: विकास की राह में क्यों उलझा शासन का असली एजेंडा?

कैलाश सिंह महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा) भारतीय लोकतंत्र में नारे अक्सर जनभावनाओं को जगाने का आसान साधन बने हैं, लेकिन…

3 months ago

चन्द्रशेखर : पैदल यात्रा से प्रधानमंत्री तक का सफर

10 नवम्बर 1990 : जब चन्द्रशेखर बने भारत के प्रधानमंत्री — संघर्ष, समर्पण और राजनीतिक परिवर्तन का प्रतीक दिन 10…

4 months ago