प्रेरणादायक कविता

✍️ प्रेम का रंग – त्याग, सहिष्णुता और ईमानदारी की प्रेरक कविता

प्रेम का रंग चढ़ता चला गया,यूँ लगा कि दुनिया हमारी है,त्याग का यत्न जब सीखा तोऐसा लगा कि जन्नत हमारी…

1 month ago

निर्विकार प्रेम कविता: भक्ति, धर्म और ईश्वर का सार

— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ प्रेम केवल भावना नहीं, यह भक्ति का स्वरूप है,प्रेम पूजा है, जहां न स्वार्थ…

2 months ago

कर्म

कर्तव्य करिए, फल की इच्छा नहींआस्था और विश्वास की ताक़त सेटूटते हुये सम्बंध बार बार जुड़ जाते हैं,लोगों की उजड़ी…

3 months ago