दर्द

राख से उठती लौ: आँसूओं से जन्मी हिम्मत की कहानी

उन दीवारों से पूछो वो 'रातें' कैसी थीं,जब 'रोटी' भी छुप-छुप के खाती थी।उनके आँसू भी 'आवाज़' न करें कहीं,इस…

6 hours ago