“पुरानी साइकिल और नई सड़क”
लेखिका – सुनीता कुमारी (बिहार ) गाँव के छोर पर रहने वाले अस्सी वर्षीय बुजुर्ग रामू काका की ज़िंदगी एक पुरानी, नीले रंग की साइकिल के पहियों पर घूमती थी।…
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लेखिका – सुनीता कुमारी (बिहार ) गाँव के छोर पर रहने वाले अस्सी वर्षीय बुजुर्ग रामू काका की ज़िंदगी एक पुरानी, नीले रंग की साइकिल के पहियों पर घूमती थी।…