आध्यात्मिक कविता

जीव अविनाशी — जीवन और मृत्यु का शाश्वत सत्य

सच है, सत्य मानो जैसे पाताल में खो गया हो,अब तो झूठ ही जगत पर छाया हुआ प्रतीत होता है।पुरानी…

2 weeks ago

निर्विकार प्रेम कविता: भक्ति, धर्म और ईश्वर का सार

— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ प्रेम केवल भावना नहीं, यह भक्ति का स्वरूप है,प्रेम पूजा है, जहां न स्वार्थ…

3 months ago

सुप्रभात तो एक बहाना है: आस्था, धैर्य और जीवन दर्शन पर प्रेरक कविता

लेखक: डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र, ‘आदित्य’ लेखक सुप्रभात तो एक बहाना हैजब सूर्य की कृपा होती है, सूर्य कीकिरणें प्रकाश…

3 months ago