बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। फतेहपुर में लेखपाल सुधीर कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से प्रदेशभर के लेखपालों में भारी आक्रोश है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के महामंत्री विनोद कुमार कश्यप के आह्वान पर शुक्रवार को सिकंदरपुर तहसील मुख्यालय पर लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन किया। धरने का नेतृत्व तहसील अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह उर्फ हुकुम सिंह ने किया।
प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि अब उनकी उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लेखपालों का कहना था कि सुधीर कुमार की मौत सेवा शर्तों की अनदेखी, अत्यधिक कार्य दबाव और सुरक्षा व्यवस्था की कमी का परिणाम है। धरने में लेखपालों ने कई प्रमुख मांगें उठाईं।
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इनमें घटना की न्यायिक या उच्चस्तरीय जांच, लेखपालों पर लादे जा रहे गैर-राजस्व कार्यों को बंद करना, अतिरिक्त कार्यों के लिए स्पष्ट मानक तय करना, सुरक्षा व संसाधन उपलब्ध कराना, खाली पदों पर शीघ्र भर्ती और लंबित पदोन्नति व सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान शामिल रहा। साथ ही मृतक लेखपाल के परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की गई।
प्रदर्शन में रंजीत कुमार वर्मा, जनार्दन वर्मा, संजीत यादव, रवि प्रकाश सिंह, प्रमोद गुप्ता, ईश्वर दयाल यादव सहित बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे। करीब तीन घंटे चले धरने के बाद लेखपालों ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। आंदोलन शांतिपूर्वक समाप्त हुआ, लेकिन लेखपालों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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