महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। घुघली थाना क्षेत्र के अहिरौली टोला गौरा दुबे निवासी सुग्रीव चौधरी (47) की दुबई में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर से गांव में शोक और गहरी चिंता का माहौल है। करीब 15 वर्षों से दुबई में कार्यरत सुग्रीव अपने परिवार का सहारा थे, परंतु उनकी अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों के अनुसार सुग्रीव लगभग 13 महीने पहले दुबई गए थे। उनके बेटे गोरख चौधरी ने बताया कि दिवाली से एक दिन पहले पिता से अंतिम बार बात हुई थी। बातचीत के बाद अचानक उनका मोबाइल बंद हो गया और संपर्क टूट गया।
इस बीच दुबई से मिली जानकारी में दावा किया गया कि सुग्रीव जिस कंपनी में काम करते थे, उससे वह तीन महीने पहले ही अलग हो चुके थे। जबकि दिवाली से पहले हुई बातचीत में सुग्रीव ने खुद बताया था कि वे अब भी उसी कंपनी में कार्यरत हैं। यह विरोधाभास परिवार के संदेह को और गहरा कर रहा है।
गांव में जैसे ही सुग्रीव की मौत की खबर फैली, पूरा माहौल शोकाकुल हो गया। परिवार ने मौत को पूरी तरह संदिग्ध बताते हुए कहा कि जब तक रहस्य स्पष्ट नहीं होता, वे शांत नहीं बैठेंगे। परिजनों ने भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही सुग्रीव का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की अपील भी की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सुग्रीव की मौत ने एक बार फिर प्रवासी श्रमिकों की कामकाजी स्थितियों, सुरक्षा और कंपनी जवाबदेही पर बड़ा सवाल उठा दिया है।
