नई दिल्ली/कोलकाता (राष्ट्र की परम्परा)। पश्चिम बंगाल के मालदा में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान न्यायिक अधिकारियों पर हुए हमले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है।
केंद्रीय बल तैनात करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की जाए। साथ ही जहां अधिकारी ठहरे हैं, वहां भी सुरक्षा बढ़ाने को कहा गया है।
राज्य सरकार को लगाई फटकार
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव, डीजीपी, डीएम और एसपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
हमले की घटना पर गंभीर चिंता
बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने न्यायिक अधिकारियों को घंटों बंधक बनाए रखा और बाद में उनके वाहनों पर पथराव व लाठियों से हमला किया। कोर्ट ने इसे न्यायपालिका के अधिकार को चुनौती बताया।
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CBI या NIA से जांच के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI या NIA जैसी एजेंसियों से जांच कराने का निर्देश दिया है। जांच रिपोर्ट सीधे कोर्ट में पेश की जाएगी।
सुरक्षा और नियमों पर सख्ती
कोर्ट ने आदेश दिया कि दावों के निपटारे के दौरान एक जगह पर 5 से ज्यादा लोग एकत्र न हों। साथ ही जरूरत पड़ने पर अधिकारियों के परिवार को भी सुरक्षा देने के निर्देश दिए गए हैं।
सुनवाई में अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य
कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को 6 अप्रैल को ऑनलाइन सुनवाई में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।
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सुनवाई के दौरान तीखी टिप्पणी
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने राज्य के एडवोकेट जनरल को फटकार लगाते हुए कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न्यायिक अधिकारियों के मनोबल को प्रभावित करती हैं।
