हैदरगढ़ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध अवसानेश्वर महादेव मंदिर में सोमवार को भयानक भगदड़ मच गई। हादसे में दो श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई जबकि 32 से अधिक लोग घायल हो गए। प्रशासन और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सावन माह के तीसरे सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए मंदिर पहुंचे थे। भारी भीड़ के बीच मंदिर परिसर के ऊपर से गुजरे एक बिजली के तार को बंदरों ने तोड़ दिया। टूटकर गिरा यह तार भीड़ के बीच गिरा, जिससे अफरा-तफरी मच गई और श्रद्धालु इधर-उधर भागने लगे। देखते ही देखते भगदड़ की स्थिति बन गई। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, दो श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 32 अन्य घायल हो गए। घायलों को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।मृतकों की पहचान हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की पहचान जनपद अयोध्या निवासी रामविलास तिवारी (45) और बाराबंकी जनपद के शांति देवी (50) के रूप में की गई है। अधिकारियों ने संभाला मोर्चा हादसे की सूचना मिलते ही एसडीएम हैदरगढ़, सीओ, और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों में तत्परता दिखाई। वहीं, मंदिर प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी इंतजाम न किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों के समुचित इलाज का निर्देश दिया है। साथ ही, हादसे की जांच के आदेश भी दिए गए हैं।स्थानीय लोगों में आक्रोश स्थानीय श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में भारी भीड़ की संभावना के बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। वहीं, बिजली विभाग की लापरवाही भी सामने आई है, क्योंकि यह तार पहले से ही झूल रहा था। जांच के आदेश प्रशासन ने हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।