गुरु सांदीपनि आश्रम में श्रीकृष्ण-बलराम ने ग्रहण किए विद्या संस्कार

संत पचौरी जी महाराज ने सुनाई श्रीकृष्ण-रुक्मिणी परिणय और सुदामा चरित्र की भावविभोर कर देने वाली कथा

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय के औद्योगिक आस्थन में चल रहे नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का सप्तम दिवस श्रद्धा और भक्ति के अद्भुत संगम के साथ संपन्न हुआ। कथा का आयोजन भारत-तिब्बत समन्वय संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य रामकुमार सिंह के सौजन्य से किया जा रहा है।

वृंदावन धाम से पधारे राष्ट्रीय संत बाल योगी पचौरी जी महाराज ने कथा में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन की दिव्य लीलाओं, गुरु सांदीपनि आश्रम में विद्या संस्कार, श्रीकृष्ण-रुक्मिणी परिणय और सुदामा प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण और प्रेरणादायक वर्णन किया।
कथा व्यास संत पचौरी जी महाराज ने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण और बलराम अपने गुरु सांदीपनि मुनि के आश्रम पहुँचे, तब उन्होंने गुरु माता और गुरु पिता की निष्ठापूर्वक सेवा कर यह आदर्श प्रस्तुत किया कि सच्चा ज्ञान केवल विनम्रता और सेवा से ही प्राप्त होता है। उन्होंने गुरु दक्षिणा में गुरु पुत्र को मृत्युलोक से वापस लाकर अपनी गुरु भक्ति का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।
इसके बाद महाराज ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी परिणय की मंगलमयी कथा का भावविह्वल वर्णन किया। उन्होंने बताया कि रुक्मिणी जी का प्रेम और भक्ति अटल थी। जब उनका विवाह शिशुपाल से तय हुआ, तब भगवान श्रीकृष्ण ने पराक्रम और धर्म की रक्षा करते हुए रुक्मिणी जी का हरण कर उन्हें धर्मसम्मत विधि से पत्नी के रूप में स्वीकार किया। यह प्रसंग प्रेम, समर्पण और धर्म की विजय का प्रतीक है।

कथा के अंत में महाराज ने सुदामा प्रसंग का अत्यंत मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता मानवता और प्रेम का सर्वोत्तम उदाहरण है। निर्धन ब्राह्मण सुदामा जब द्वारका पहुँचे, तो भगवान ने स्वयं उनका चरण धोकर उनका स्वागत किया। बिना मांगे ही भगवान ने सुदामा के जीवन में समृद्धि का वरदान दे दिया। यह कथा दर्शाती है कि सच्ची मित्रता और भक्ति में न तो दरिद्रता बाधक होती है और न ही दूरी का प्रभाव।
कथा पंडाल में भक्तगण श्रीकृष्ण लीलाओं में डूबे रहे, कई श्रद्धालुओं की आँखें कथा के भावों से नम हो उठीं। इस अवसर पर कथा परीक्षित उर्मिला सिंह, रामकुमार सिंह, डॉ. के. के. सिंह, रमाशंकर सिंह, डॉ. श्याम कुमार सिंह, विधान परिषद सदस्य संतोष कुमार सिंह, एमएलसी प्रतिनिधि इंजीनियर सुधांशु सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि नित्यानंद, मुन्नी देवी, अयांश, सभासद अरविंद पाण्डेय “मुन्ना”, पंकज मिश्रा, गोरखनाथ मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्यजन उपस्थित रहे।

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

आंगनवाड़ी से आशा संगिनी तक… पिंडरा में 10 हजार महिलाओं का होगा सम्मान समारोह

वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा)। महिला सशक्तीकरण अभियान के तहत पिंडरा विधानसभा क्षेत्र के बाबतपुर में 10…

6 hours ago

फ्लाईओवर स्लैब से सड़क की ढाल तक मिलीं खामियां, राम वनगमन मार्ग पर अब होगी बड़ी कार्रवाई

राम वनगमन मार्ग की गुणवत्ता पर गिरी गाज, दो पीडब्ल्यूडी अफसरों पर विभागीय कार्रवाई के…

7 hours ago

पूंजी, तकनीक और ग्लोबल साउथ: BRICS के मंच से भारत की विश्व शक्ति बनने की नई छलांग

BRICS शिखर सम्मेलन 2026: नई दिल्ली से वैश्विक आर्थिक शक्ति संतुलन की नई पटकथा दुनिया…

7 hours ago

समय और धन दोनों बचेंगे, राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए मऊ में निकली जागरूकता रैली

राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर मऊ में जागरूकता रैली, PLVs ने लोगों से किया सुलह-समझौते…

7 hours ago

हनुमान अंश : हिंदुस्तान की जड़ों से संवाद करता सिनेमा

वेजब सिनेमा मनोरंजन से आगे बढ़कर संस्कृति, आस्था और भारतीय स्मृति का आईना बन जाए…

7 hours ago

टापू बने गांव, पानी बना पहरेदार, सोहगी बरवां में विकास की राह अब भी अधूरी

रोहुआ नाला पार करना रोज की मजबूरी, स्कूल तक पहुंचने में भी जल-भराव का रोड़ा,…

18 hours ago