फ्लाईओवर स्लैब से सड़क की ढाल तक मिलीं खामियां, राम वनगमन मार्ग पर अब होगी बड़ी कार्रवाई

राम वनगमन मार्ग की गुणवत्ता पर गिरी गाज, दो पीडब्ल्यूडी अफसरों पर विभागीय कार्रवाई के आदेश


अवतारपुर-सिंहरौर-उपरिहार खंड में निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल, थर्ड पार्टी ऑडिट में मिलीं गंभीर खामियां; ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी


वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा)राम वनगमन मार्ग के निर्माण में सामने आई गंभीर खामियों के मामले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। मार्ग की गुणवत्ता में लापरवाही पाए जाने के बाद अधीक्षण अभियंता ओमकार भारती और अधिशासी अभियंता रवींद्र पाल सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
मामला राम वनगमन मार्ग के अवतारपुर से सिंहरौर-उपरिहार हिस्से का है। करीब 14 किलोमीटर लंबे इस खंड में सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच के दौरान कई कमियां सामने आईं। लगभग डेढ़ किलोमीटर हिस्से में सड़क के किनारे बने बंधे और ढाल क्षतिग्रस्त पाए गए। इसके अलावा फ्लाईओवर के स्लैब में भी बड़ी खामियां मिलीं।
थर्ड पार्टी ऑडिट में खुली निर्माण गुणवत्ता की पोल
मार्ग की गुणवत्ता की जांच थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट के जरिए कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में निर्माण कार्य की गुणवत्ता अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इसके बाद संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
राम वनगमन मार्ग का यह निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी की एनएच विंग की निगरानी में कराया जा रहा है। गुणवत्ता में कमी सामने आने के बाद अब विभाग ने निर्माण एजेंसी और निगरानी व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदार पक्षों पर भी सख्ती शुरू कर दी है।
ठेकेदार अपने खर्च पर कराएगा पूरी सड़क की मरम्मत
निर्माण में मिली खामियों को दूर करने की जिम्मेदारी ठेकेदार पर डाली गई है। संबंधित ठेकेदार को अपने खर्च पर पूरी सड़क की आवश्यक मरम्मत करानी होगी। साथ ही, ठेकेदार को डिबार यानी ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को पत्र भेजा गया है।
जिस संस्था को निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है। उसे काली सूची में डालने के लिए संबंधित स्तर पर पत्र भेज दिया गया है।
गुणवत्ता से समझौते पर विभाग का कड़ा रुख
राम वनगमन मार्ग जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में निर्माण गुणवत्ता को लेकर सामने आई खामियों के बाद पीडब्ल्यूडी ने स्पष्ट रूप से सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, ठेकेदार पर मरम्मत का खर्च डालने और निगरानी संस्था के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग की प्रक्रिया से यह संकेत मिला है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता करने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी।

Editor CP pandey

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