Wednesday, March 25, 2026
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टीकाकरण के विशेष अभियान का हुआ शुरुआत

स्कूल, कॉलेज व मदरसों में लग रहा है टीका, सहमति देकर सहयोग करें अभिभावक

13891 विद्यार्थियों को डीपीटी और 22880 को टीडी दस व सोलह टीका लगेगा

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। 
स्कूल, कॉलेज और मदरसों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को जानलेवा बीमारी टिटनेस और गलघोटू (डिप्थीरिया) से बचाने के लिए स्कूल आधारित विशेष टीकाकरण अभियान सीएमओ डॉ राजेश झा ने कम्पोजिट प्राथमिक विद्यालय पारसिया भंडारी मँझगवां से शुरू किया। स्कूल आधारित इस विशेष टीकाकरण अभियान में दस नवम्बर तक सरकारी और गैर सरकारी स्कूल, कॉलेज व मदरसों में विद्यार्थियों का टीकाकरण होगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि 2418 सत्रों के जरिये 13891 विद्यार्थियों को डीपीटी बूस्टर, 22880 को टीडी दस और सोलह टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने अभिभावकों से सहमति देकर इस टीकाकरण अभियान को सफल बनाने की अपील की है । अभियान के तहत बुधवार और शनिवार के अतिरिक्त अन्य कार्यदिवसों पर भी टीकाकरण सत्र आयोजित किये जाएंगे।
उन्होंने बताया कि कक्षा एक में पढ़ने वाले पांच वर्ष के बच्चों को डीपीटी टू बूस्टर डोज, कक्षा पांच में पढ़ने वाले दस वर्ष के विद्यार्थियों को टीडी दस और कक्षा दस में पढ़ने वाले सोलह वर्ष तक के किशोर किशोरियों को टीडी सोलह वैक्सीन लगाई जाएगी। अभियान के दौरान बुधवार और शनिवार के नियमित टीकाकरण दिवसों पर स्कूल न जाने वाले उन बच्चों व किशोर किशोरियों को भी यह टीके लगाए जाएंगे जो किसी कारणवश इनसे वंचित हैं।
टीकाकरण के बाद कुछ बच्चों में बुखार और इंजेक्शन वाली जगह पर लालिमा या सूजन की दिक्कत हो सकती है । यह सामान्य प्रतिक्रिया है और इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। इससे बचाव के उपाय बताने के साथ साथ बुखार की दवा भी दी जाती है ।
इस मौके पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ संजय गुप्ता, डॉ ऐके पाण्डेय, खंड बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय पाल नारायण त्रिपाठी, बीएमसी अरशद जमाल, बीपीएम लक्षमीकांत ओझा, बीसीपीएम राजाराम, यूनिसेफ़ बीएमसी आलोक सिन्हा, एएनएम आरती देवी मौजूद रहीं।

घर भेजा गया था सहमति पत्र का फार्मेट

   कक्षा पांचवी के दस वर्षीय छात्र आरएन को टीडी दस टीका लगा कर अभियान का शुभारंभ किया गया । आरएन ने बताया कि स्कूल से सहमति के लिए एक फार्म दिया गया था जिस पर उनके पिता ने दस्तखत किये । यह फार्म स्कूल में दिखाने के बाद ही उन्हें टीका लगाया गया । उन्हें टीका लगने से पहले थोड़ा डर लग रहा था, लेकिन शिक्षक ने उन्हें प्रेरित किया कि कोई दिक्कत नहीं होगी।
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