दिव्यांग बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर दिया जाएगा विशेष बल: जिलाधिकारी

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में दिव्यांग बच्चों के पठन-पाठन, आर्थिक पुनर्वास एवं सेवायोजन संबन्धी समस्याओं के समाधान के लिए विकास भवन स्थित गांधी सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने दिव्यांग बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर विशेष बल दिया।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान समय में जनपद के 1368 परिषदीय विद्यालयों में 4592 दिव्यांग बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इन बच्चों में 1162 श्रवण बाधित, 791 अस्थिबाधित, 458 दृष्टि बाधित तथा 2179 मानसिक रूप से दिव्यांग हैं।सर्वाधिक 371 बच्चे बरहज ब्लॉक में चिन्हित किये गए हैं। इनमें से 213 मानसिक रूप से दिव्यांग हैं। इसके पश्चात 353 बच्चे देवरिया सदर में तथा 351 बच्चे गौरी बाजार ब्लॉक में चिन्हित किये गए हैं। इन्हें शिक्षा देने के लिए 54 स्पेशल एजुकेटर तैनात हैं, जो रोस्टरवार विद्यालयों में जाकर शिक्षा दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त 239 बच्चे होम्बेस्ड एजुकेशन सिस्टम से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इसके अंतर्गत दिव्यांग बच्चे का निकटवर्ती विद्यालय में नामांकन किया जाता है तथा उनके घर जाकर स्पेशल एजुकेटर द्वारा पढ़ाया जाता है। डीएम ने कहा कि ऐसे कई बच्चे होंगे जिनका परिषदीय विद्यालयों अथवा निजी विद्यालयों में अभी भी नामांकन नहीं हुआ होगा। ऐसे बच्चों को चिन्हित करके उन्हें शिक्षा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इस अभियान में रेडक्रॉस सोसायटी तथा नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवकों का भी सहयोग लिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि दिव्यांग बच्चों को विद्यालय लाने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। स्कॉर्ट अलाउंस योजना के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों को स्कूल आने जाने के खर्च के रूप में 600 रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा है। जनपद में स्कॉर्ट योजना के 96 लाभान्वित हैं। इसके अतिरिक्त स्टाइपेंड योजना के अंतर्गत बालिका दिव्यांग बच्चियों को प्रतिमाह 200 रुपये दिए जाने का प्रावधान है। डीएम ने इन योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार करने एवं लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने दिव्यांगजनों के लिए प्रस्तावित समेकित विद्यालय की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनपद में ही समेकित विद्यालय होने से दिव्यांगजनों को शिक्षित करने में सहायता मिलेगी।
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी ने बताया कि विभिन्न कैंपों के माध्यम से 576 बच्चों को ब्रेल किट, ब्रेल स्लेट, एमएसआईईडी किट, श्रवण यंत्र, स्मार्ट कैन आदि वितरित किये गए हैं।बैठक में स्पेशल एजुकेटरों ने अपने अनुभवों और दिव्यांग बच्चों को शिक्षा देने में आ रही समस्याओं को भी साझा किया। बैठक में सीडीओ रवींद्र कुमार, सीएमओ डॉ राजेश झा, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी कृष्णकांत राय, जिला युवा अधिकारी विकास तिवारी, सचिव रेडक्रॉस अखिलेंद्र शाही सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।

rkpnews@desk

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