कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)
एसआईआर लोगों के लिए मुसीबत है। साफ़ दिख रहा है कि निर्वाचन आयोग को मतदाताओं की कोई चिंता नहीं है, वो संवेदन शून्य हो गया है। पर अब माहौल बदल चूका है, वोटर बहुत जागरुक है। एसआईआर के बहाने वोट कटवा लेने की मंशा को कामयाब नहीं होने देगा।
उक्त बातें सपा प्रवक्ता मनीष सिंह ने कुशीनगर के जोकवा बुजुर्ग समाजवादी चिंतक लड्ड़ू यादव के आवास पर एसआईआर प्रगति के समीक्षा के दौरान कही, उन्होने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया से उत्तर प्रदेश की जनता को हो रही परेशानियों और बीएलओ द्वारा की जा रहीं आत्महत्या के मामलों पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनीष सिंह ने उक्त बातें कहीं। मनीष सिंह ने मतदाता सूची में गहन पुनरीक्षण के नाम पर पिछड़े और दलित समाज के मतदाताओं का नाम काटे जाने का गंभीर आरोप निर्वाचन आयोग पर लगाया। उन्होंने कहा कि एसआईआर जनमानस के लिए मुसीबत का सबब बन चूका है। ये साफ़ दिख रहा है कि निर्वाचन आयोग को मतदाताओं की चिंता नहीं है, वो संवेदन शून्य हो गया है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य जहां 16 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं, वहां इतने कम समय में वोटर लिस्ट कैसे तैयार की जा सकती है? सपा प्रवक्ता ने कहा कि अब माहौल बदल चूका है, वोटर बहुत जागरुक है। लोग जान चुके हैं कि एसआईआर के नाम पर क्या खेल चल रहा है? क्यों चल रहा है? किसके इशारे पर चल रहा है? जागरूक मतदाता अब एसआईआर के बहाने वोट कटवा लेने की मंशा कामयाब नहीं होने देंगे।
मनीष सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की मांग पर चुनाव आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया का समय एक सप्ताह के लिए बढ़ाया है परन्तु ये व्यावहारिक नहीं है। मनीष सिंह ने कहा की हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के कहा है कि “उत्तर प्रदेश जैसे बड़े प्रदेश में एक महीने के अंदर लगभग 16 करोड़ मतदाताओं की गणना और सत्यापन संभव नहीं है। बीएलओ पर काम का अतिरिक्त दबाव है जिसका असर उनकी शारीरिक-मानसिक स्थिति पर पड़ता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा ऐसे में निर्वाचन आयोग ने 04 दिसम्बर 2025 से 11 दिसम्बर 2025 तक एसआईआर का समय बढ़ाकर कोई अपेक्षित काम नहीं किया है। समाजवादी पार्टी ने एसआईआर की समयावधि तीन महीने बढ़ाने की मांग की थी। आशंका होती है कि निर्वाचन आयोग को अपनी साख, चुनाव की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता की परवाह नहीं रह गई है? वह भाजपा सरकार के इशारे पर काम करने वाली सस्था बन गई है। बिहार में एसआईआर के दौरान लाखों लोग मताधिकार से वंचित रह गए। शक यही होता है कि कहीं उत्तर प्रदेश में भी होने वलो चुनावों के मद्देनज़र विपक्षियों के वोट काटने की साजिश तो नहीं हो रही है? लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ यह खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता है।”
सपा प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आधा दर्जन से ज्यादा बीएलओ की मौत हो चुकी है। काम का अतिरिक्त प्रेशर में बीएलओ आत्महत्या कर ले रहे हैं। दुःख की बात ये है कि सरकार मौत के बाद इन बीएलओ को सेवामुक्त दिखाने की साजिश कर रही है जिससे उन्हें सरकारी मदद न देनी पड़े। इससे भाजपा के डबल इंजन सरकार का क्रूर चेहरा और जानत के प्रति घृणित मानसिकता उजागर होती है।
मनीष सिंह मोदी-योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश-प्रदेश में रोजगार ख़त्म हो रहे हैं। युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही। हमारे युवा पढ़-लिख कर डिग्रियां लेकर दर-दर भटक रहे हैं और बिना डिग्री वाले लोग उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। भाजपा के राज में अराजकता और भ्रष्टाचार इतना फ़ैल चुका हैं कि उनको छुपाने के लिए जीडीपी के झूठे आकड़े जारी किये जा रहे हैं। असल में चाहे केंद्र की मोदी सरकार हो या उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार जनता के मुद्दों पर पूरी तरह से फेल हो चुकें हैं, इसीलिए अब जनता का ध्यान भटकाने के लिए तरह-तरह के अत्याचार कर रही है। पर जनता भी जागरूक है। हमारे वोटर सब जानते हैं। जनता ने 2024 में इनका हिसाब किताब किया था, 27 में भाजपा का इलाज करेगी।
इस दौरान गुरवलिया सपा जोनल प्रभारी राजन कुमार शुक्ला, जोकवा सपा जोनल प्रभारी अभिषेक लड्ड़ू यादव,क्षेत्र पंचायत सदस्य ई श्रवण कुमार गुप्ता,ग्राम प्रधान नियाज अहमद,नन्दलाल यादव,उस्मान गनी नूरी,अजहरुद्दी आदि उपस्थित रहे ।
एस आई आर के बहाने वोट कटवा लेने की मंशा को कामयाब नहीं होने देगा सपा-मनीष सिंह
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