बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बलिया जनपद के बैरिया क्षेत्र स्थित छोटे से गांव सोनबरसा की बेटी सुजाता सिंह इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश की राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति देकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। जैसे ही यह गौरवपूर्ण समाचार गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचा, लोगों में खुशी और गर्व की लहर दौड़ गई।
सोनबरसा गांव निवासी सत्येंद्र सिंह की पुत्री सुजाता सिंह बचपन से ही बहुप्रतिभाशाली रही हैं। उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ भारतीय शास्त्रीय नृत्य को भी अपना लक्ष्य बनाया। सुजाता ने एमसीए (मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन) की पढ़ाई पूरी करने के बाद भरतनाट्यम और मोहिनीअट्टम जैसे प्रतिष्ठित शास्त्रीय नृत्य रूपों में स्नातक स्तर की शिक्षा प्राप्त की। यह आधुनिक तकनीकी शिक्षा और पारंपरिक भारतीय कला का दुर्लभ और प्रेरणादायक संगम है।
सुजाता सिंह देश के विभिन्न सांस्कृतिक मंचों पर अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं। वाराणसी में आयोजित कई सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी भाव-भंगिमा, अभिनय और पद संचालन को विशेष सराहना मिली। इसके साथ ही उन्होंने दक्षिण भारत के प्रतिष्ठित धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर भी प्रस्तुति दी है। केरल के कामाख्या ट्रस्ट मंदिर, गुरुवायूर मंदिर तथा आंध्र प्रदेश के चिदंबरम मंदिर में उनके नृत्य कार्यक्रमों को दर्शकों और विद्वानों ने खूब सराहा।
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अब 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर भरतनाट्यम की सामूहिक प्रस्तुति में शामिल होना सुजाता सिंह के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे बलिया जनपद के लिए गर्व का विषय है। देश-विदेश से आए विशिष्ट अतिथियों और करोड़ों दर्शकों के सामने प्रस्तुति देना उनकी वर्षों की साधना, अनुशासन और समर्पण का प्रतिफल है।
गांव के लोगों और परिजनों का कहना है कि सुजाता ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। उनकी सफलता क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है। जब गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर सुजाता सिंह का भरतनाट्यम गूंजेगा, तब सोनबरसा ही नहीं, पूरा बलिया गर्व महसूस करेगा।
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