बड़हलगंज/गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा )
भारत धर्म प्रधान देश है, बसन्त ऋतु के आने के साथ ही सम्पूर्ण भारतवर्ष में त्योहारों की आवक महसूस होने लगती है। होली से लेकर बासंतिक नवरात्र तक के रंग में रंग गया है सम्पूर्ण भारतवर्ष।
यत्र नारी पूज्यंते, तत्र रमन्ते देवता को जीवन वाक्य मानने वाले देश मे नवरात्रि में देवियों के पूजन की परम्परा सदियों से चली आ रही है। इस नवरात्रि के आने से पहले गुरु गोरक्षनाथ की तपोभूमि गोरखपुर में सरयू किनारे बड़हलगंज की महिलाओं ने व्रत के लिए फलाहार में चिप्स इत्यादि बनाने का घरेलू उद्यम शुरू की हैं। कौशिकी फाउंडेशन ने इस बार दर्जन भर महिलाओं के साथ ये उद्यम शुरू किया है। संस्था की कन्वेनर ममता ओझा ने बताया कि, व्रत के लिए बन रहे खाद्य उत्पाद में गुणवत्ता व साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, भले ही उत्पाद गांव की पगडंडियों के बीच हो रहा पर पशुओं और बच्चों से काफी दूर रखा जा रहा हैं इस उद्यम को। ममता ने बताया कि ये प्रथम प्रयास है, आगे इसे महानगरों तक ले जाने की योजना है, जिस हेतु हमारी वार्ता चल रही।
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