गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
गुरुवार को श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन गीता वाटिका में परम पूज्य श्यामसुंदर गोस्वामी, ने भक्तों को भागवत कथा के माध्यम से कृष्ण द्वारा कंस के उद्धार का विस्तार से वर्णन किया । उन्होंने कहा कि मनुष्य समर्पण एवं अनुराग के द्वारा प्रभु की प्राप्ति सरलता पूर्वक कर सकता है। इसके लिए उसे किसी प्रकार के कठिन कार्य अपनाने की आवश्यकता नहीं है l हम अपने दैनिक जीवन में थोड़ा सा समय निकाल कर विनम्रता पूर्वक प्रभु को याद करें, उनके दिखाए हुए मार्ग पर चलने का प्रयत्न करें तो निश्चित ही हमारा मानव जीवन सफल , सुगम होगा l उन्होंने इसके लिए रुक्मणी का प्रभु कृष्ण के प्रति अनन्य भक्ति का वर्णन किया l इसके लिए उन्होंने श्री कृष्ण और रुक्मणी के विवाह का उदाहरण प्रस्तुत किया l रुकमणी इसी अनुराग का प्रतीक है, प्रणाम है कि रुक्मणी का विवाह संपन्न हुआl व्यासपीठ से श्रीकृष्ण के स्वरूप एवं चरित्र का आज के परिवेश में उपयोगिता व महत्व पर विस्तार से वर्णन किया गया! उन्होंने कहा कि भगवान से बड़ा भगवान का नाम होता है, इसलिए इसका संस्मरण हर परिस्थितियों में करना चाहिए।
कथा वाचक गोस्वामी ने कहा कि प्रभु का सुमिरन मात्र से ही सभी कष्ट दूर हो जाते हैं, भक्तों का जीवन सफल हो जाता है इसलिए प्रभु का संस्मरण सदैव करना चाहिएl
उन्होंने ने बताया कि प्रभु की भक्ति में लीन होकर ही मानव अपने जीवन को सफल व सार्थक बना सकता है।
व्यास ने अपने कथा के दौरान बताया कि हमें इस जीवन में दुखों से मुक्ति के लिए अथवा भगवत प्राप्ति के लिए क्या करना चाहिए । स्वामी ने कहा कि भागवत कथा के सुनने मात्र से ही मनुष्य का जीवन सफल हो जाता है, तो प्रभु का नाम लेने से जीवन में किस प्रकार का परिवर्तन की कल्पना की जा सकती है, इसको हम स्वयं देख सकते हैं l उन्होंने कहा कि मनुष्य के सभी कष्टों से मुक्ति का एक ही मार्ग है प्रभु के प्रति अनन्य भक्ति भावना अर्थात हमें प्रत्येक क्षण प्रभु को याद कर परोपकार की भावना को जागृत करना होगा l जीवन को श्रेष्ठता के मार्ग पर ले जाना ही प्रभु भक्ति का मार्ग है l कथा में अतिथि की भूमिका में अरविंद कमलिया, व्यासपीठ की पूजा अर्चना के साथ महाराज को माल्यार्पण कर स्वागत किया, इसके बाद इन्होंने भागवत को माल्यार्पण किया। माल्यार्पण करने वालों में प्रकाश कमलिया, मक्खन लाल गोयल, रितेश कमलिया, ललित शर्मा कोलकाता वाले, अरविंद कमलिया, उमेश कुमार सिंघानिया,नवल शाह,
पुरुषोत्तम सर्राफ , राज किशोर, कमल सा, मनमोहन जाजोदिया, मोहन अग्रवाल ,प्रदीप केडिया ध्रुव मोदी ,सुरेश
शुद्र , अमित कुमार, शिवकुमार अग्रवाल ,भानु प्रकाश गुप्ता, बलराम अग्रवाल , निर्मल जालान, वेद प्रकाश अग्रवाल, ओम प्रकाश जालान , अग्रवाल सुरेश पोद्दार, गौ भक्त स्वामी डॉ विनय , उमेश सिंघानिया मुख्य रूप से रहे। कथा के आयोजक मनीष कमलिया ने सपत्नी व्यास पीठ के समक्ष पूजन किया, अंत में आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ और प्रसाद वितरण हुआ। आज की कथा का संचालन गौ भागवत कथा एवं गो टेक्नोलॉजी के प्रवर्तक स्वामी डॉक्टर विनय ने किया ।
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