भागलपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा ) समस्याओं से जूझ रही जनता के बदल रहे हैं सुर,लोकतंत्र की असली शक्ति जनता के हाथों में है।
जनता जो नेताओं को गद्दी पर बैठाती है और जनता उन्हें एक झटके मे नीचे उतार देती है। अब दौर बदल चुका है। जनता केवल वादों और भाषणों से प्रभावित नहीं होती, बल्कि वह ठोस काम और जमीनी विकास देखना चाहती है।
आज जनता का सबसे बड़ा सवाल
“किसने कितनी सड़कें बनवाईं? किसने गाँव-गाँव तक विकास पहुँचाया? किसने शिक्षा और स्वास्थ्य की दिशा में कार्य किया? किसने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए?”
यही वजह है कि अब समय आ गया है कि भूतपूर्व जिला पंचायत सदस्य हों या वर्तमान जिला पंचायत सदस्य, दोनों अपने-अपने कामों का ईमानदारी से लेखा-जोखा जनता के सामने रखें। चुनाव केवल दिखावे या नारों से नहीं जीते जाएंगे। यह दौर है विकास की सच्चाई को दिखाने का।
जनता ने साफ संदेश दे दिया है
सिर्फ़ वादे नहीं, काम चाहिए।
भाषण नहीं, विकास चाहिए।
प्रचार नहीं, परिणाम चाहिए।
हर जनप्रतिनिधि को यह समझना होगा कि जनता का विश्वास तभी मिलेगा, जब वे अपने कार्यों का ठोस सबूत देंगे। यदि किसी ने सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और रोजगार के क्षेत्र में सुधार किया है, तो जनता उसे सम्मान देगी, लेकिन अगर कोई केवल चुनावी मौसम में वादों का पिटारा खोलकर सामने आता है, तो जनता उसके दरवाज़े बंद कर देगी।
आज की राजनीति का नया मंत्र है –
“काम दिखाओ, वोट पाओ… नहीं तो वोट माँगने मत आओ।”
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