शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार जहां मिशन कायाकल्प के तहत सरकारी विद्यालयों की स्थिति सुधारने का दावा कर रही है, वहीं तिलहर तहसील के जैतीपुर विकासखंड के ग्राम गोगेपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक Rakesh Manwal पर आरोप है कि वे लंबे समय तक विद्यालय से अनुपस्थित रहते हैं, लेकिन उपस्थिति रजिस्टर में पूरे माह की हाजिरी दर्ज कर दी जाती है।
एसएमसी अध्यक्ष का आरोप
विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) के अध्यक्ष कृष्ण पाल सिंह के मुताबिक, प्रधानाध्यापक 19 फरवरी से 24 फरवरी तक विद्यालय नहीं पहुंचे। उनका दावा है कि हेडमास्टर महीने में केवल 4-5 दिन ही स्कूल आते हैं और बाद में रजिस्टर में पूरी उपस्थिति दर्ज कर देते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर भी प्रधानाध्यापक विद्यालय नहीं पहुंचे।
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मिड-डे मील और पढ़ाई पर असर
एसएमसी अध्यक्ष का कहना है कि विद्यालय में मिड-डे मील निर्धारित मीनू के अनुसार नहीं बन रहा है और पढ़ाई का स्तर लगातार गिर रहा है। उनका कहना है कि जब प्रधानाध्यापक ही नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहेंगे तो बच्चों की शिक्षा प्रभावित होना स्वाभाविक है।
अधिकारियों को दी गई सूचना
ग्रामीणों के अनुसार, 4 फरवरी को खंड शिक्षा अधिकारी (एबीएसए) जैतीपुर को शिकायत दी गई थी। कार्रवाई का आश्वासन मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे अभिभावकों और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक अधिकारियों का फोन भी नहीं उठाते और जिम्मेदारियों के प्रति उदासीन हैं।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और विद्यालय की व्यवस्था में कब सुधार होता है।
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