विधिक माप विज्ञान विभाग की सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन, व्यापारियों को मिलेगी बड़ी सुविधा

पेट्रोल-डीजल, सीएनजी, एलपीजी पंप, फ्लो मीटर और ऑटो टैक्सी फेयर मीटर का सत्यापन-मुद्रांकन अब डिजिटल पोर्टल से

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश के विधिक माप विज्ञान विभाग ने अपनी तमाम सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। पेट्रोल/डीजल/सीएनजी/एलपीजी पंप, फ्लो मीटर, ऑटो टैक्सी फेयर मीटर और तौल उपकरणों के सत्यापन-मुद्रांकन एवं पुनःसत्यापन-मुद्रांकन से जुड़ी प्रक्रियाएं अब विभागीय पोर्टल https://legalmetrology-up.gov.in और निवेश मित्रा पोर्टल के माध्यम से आसानी से की जा सकेंगी। विभाग का दावा है कि इस डिजिटल बदलाव से जहां व्यापारियों के समय और संसाधनों की बचत होगी, वहीं उपभोक्ताओं के हितों की भी बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी। अब प्रयोगकर्ताओं को सत्यापन के लिए बार-बार कार्यालय चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। ऑनलाइन सत्यापन और मौके पर प्रमाण पत्र अब सत्यापन कार्य पूरा होने के तुरंत बाद ऑनलाइन उपकरण सत्यापन प्रमाण पत्र मौके पर ही जारी कर दिया जाएगा, जिसे प्रयोक्ता अपने लॉगिन से डिजिटल फार्म में डाउनलोड कर सकेंगे। सत्यापन की तिथि और समय की सूचना एसएमएस से दी जाएगी। साथ ही, उपकरण की वैधता समाप्त होने से 15 दिन पहले ही पुनःसत्यापन हेतु एसएमएस अलर्ट भेजा जाएगा, जिससे विलंब शुल्क से बचा जा सकेगा। मरम्मत व पुनःसत्यापन की सरल प्रक्रिया यदि उपकरण में मरम्मत की आवश्यकता नहीं है, तो व्यापारी सीधे पोर्टल पर आवेदन कर सत्यापन-मुद्रांकन करा सकते हैं। यदि मरम्मत जरूरी है, तो अधिकृत मरम्मतकर्ताओं की सूची और कार्यशाला का पता भी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगा। पारदर्शिता के लिए रियल टाइम लोकेशन युक्त फोटो अनिवार्य
प्रवर्तन कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए सत्यापन के दौरान रियल टाइम लोकेशन युक्त फोटोग्राफ लेना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, विभागीय प्रवर्तन अधिकारियों को CUG मोबाइल कनेक्शन, लैपटॉप और हाई-स्पीड इंटरनेट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे वे मौके पर ही प्रमाण पत्र जारी कर सकें। शुल्क भी ऑनलाइन जमा, कैश हैंडलिंग खत्म अब सत्यापन, शमन आदि के शुल्क भी ऑनलाइन जमा होंगे। इससे मानव हस्तक्षेप कम होगा और कार्यालयों में नकदी लेन-देन समाप्त हो जाएगा। लाइसेंस और नवीनीकरण भी डिजिटल मरम्मतकर्ता, विक्रेता और विनिर्माता के लाइसेंस के निर्गमन और नवीनीकरण की प्रक्रिया को भी पूर्णतया ऑनलाइन और ऑटोमेटेड कर दिया गया है। 1 सितंबर से 100% ऑनलाइन अनिवार्य जिन तौल उपकरणों का यथास्थान सत्यापन और मुद्रांकन किया जाता है, उनके लिए 1 सितंबर 2025 से 100% ऑनलाइन प्रणाली अपनाना अनिवार्य होगा। सहायता व प्रशिक्षण सुविधा ऑनलाइन पोर्टल के उपयोग में किसी भी समस्या के समाधान के लिए हैल्पडेस्क नंबर 0522-3536323 और व्हाट्सऐप सुविधा उपलब्ध है। विभाग ऑफलाइन व ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम भी नियमित रूप से आयोजित कर रहा है, ताकि व्यापारी व उपभोक्ता दोनों नई प्रणाली को सहजता से अपना सकें।

इस कदम को प्रदेश में Ease of Doing Business और Digital Governance की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है, जो व्यापारिक माहौल को और सुगम व पारदर्शी बनाएगी।

Karan Pandey

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