पंचाग कालाष्टमी का रहस्य: शनिदेव और कालभैरव की विशेष कृपा कैसे प्राप्त करें?

आज का पंचांग: 10 जनवरी 2026 (शनिवार) | Today Panchang 10 January 2026
दिनांक: 10/01/2026
वार: शनिवार
स्थान: भारत (द्रिक पंचांग के अनुसार)
🪔 पंचांग विवरण (10 जनवरी 2026)
तिथि

माघ कृष्ण पक्ष सप्तमी – प्रातः 08:24 AM तक
तत्पश्चात अष्टमी – 11 जनवरी 10:20 AM तक
नक्षत्र
हस्त – 03:39 PM तक
तत्पश्चात चित्रा
योग
अतिगण्ड योग – 04:58 PM तक
उसके बाद सुकर्मा योग
करण
बव – 08:24 AM तक
बालव – 09:18 PM तक
कौलव – रात्रि 09:18 PM के बाद
📜 संवत्सर विवरण
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
अमांत मास: पौष
पूर्णिमांत मास: माघ
वैदिक ऋतु: हेमंत
द्रिक ऋतु: शिशिर
अयन: दक्षिणायन
राष्ट्रीय कैलेंडर: पौष 20, 1947
☀️ सूर्य और 🌙 चंद्रमा का समय
सूर्योदय: 07:14 AM
सूर्यास्त: 05:54 PM
चन्द्रोदय: 12:42 AM (11 जनवरी)
चन्द्रास्त: 12:16 PM (11 जनवरी)
🌞 सूर्य एवं चंद्र राशि
सूर्य राशि: धनु
चंद्र राशि:
11 जनवरी 04:52 AM तक कन्या
उसके बाद तुला
अशुभ काल
राहुकाल: 09:54 AM – 11:14 AM
यमगण्ड: 01:54 PM – 03:14 PM
कुलिक काल: 07:14 AM – 08:34 AM
दुर्मुहूर्त: 08:39 AM – 09:22 AM
वर्ज्यम्: 12:30 AM – 02:16 AM
शुभ काल
ब्रह्म मुहूर्त: 05:38 AM – 06:26 AM
अभिजीत मुहूर्त: 12:12 PM – 12:55 PM
अमृत काल: 09:09 AM – 10:53 AM
🔱 विशेष योग व पर्व
त्योहार / व्रत: कालाष्टमी
आनन्दादि योग: मृत्यु (03:39 PM तक)
सर्वार्थसिद्धि योग: ❌ आज नहीं है
🧭 दिशा शूल (यात्रा विचार)
शनिवार को यात्रा वर्जित दिशा: पूर्व दिशा
यदि यात्रा आवश्यक हो तो:
तिल या गुड़ का सेवन करके यात्रा करें
लाभकारी दिशा:
पश्चिम व दक्षिण दिशा में यात्रा से लाभ की संभावना
🌙 चंद्रबल (राशि अनुसार)
11 जनवरी 04:52 AM तक शुभ राशियाँ:
मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन
उसके बाद 07:14 AM तक:
मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर
ताराबल (नक्षत्र अनुसार)
03:39 PM तक शुभ नक्षत्र:
अश्विनी, कृत्तिका, मृगशीर्षा, आद्रा, पुष्य, मघा, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरभाद्रपदा
📌 निष्कर्ष
आज का दिन कालाष्टमी के कारण साधना, जप, दान और आत्मचिंतन के लिए उत्तम है। शुभ कार्यों में अभिजीत मुहूर्त का विशेष महत्व रहेगा। राहुकाल और दिशा शूल का ध्यान अवश्य रखें।
🔔 विशेष नोट
इस पंचांग में किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए ‘राष्ट्र की परम्परा’ जिम्मेदार नहीं है। कृपया किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पूर्व योग्य विद्वान या पंडित से परामर्श अवश्य लें।

Editor CP pandey

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