NDA में सीट बंटवारा तय, BJP-JDU बराबर लड़ेगी 101-101 सीटों पर

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: लोजपा के खाते में 29 तो अन्य को 6-6 सीटे मिली

नई दिल्ली/पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने सीट बंटवारे का ऐलान कर दिया है। इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (यूनाइटेड) [JDU] बराबर-बराबर 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को 29 सीटें, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को 6-6 सीटें दी गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, सीट शेयरिंग को लेकर दिल्ली और पटना में NDA नेताओं की कई दौर की बैठकें हुईं। इन बैठकों में BJP के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, विनोद तावड़े, और नित्यानंद राय शामिल थे। वहीं, LJP (राम विलास), HAM और RLM के वरिष्ठ नेताओं ने भी इसमें भाग लिया।

पहले चिराग पासवान 40 सीटों की मांग पर अड़े थे, लेकिन आपसी सहमति के बाद उन्हें 29 सीटों से संतोष करना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता NDA के अंदर एकता और तालमेल का संकेत देता है।

BJP-JDU की बराबरी से सीटें बांटने का संकेत

2005 के बाद यह पहला मौका है जब BJP और JDU बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं। पिछली बार 2020 के विधानसभा चुनाव में JDU ने 115 और BJP ने 110 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इस बार बराबरी से सीटें बांटने का फैसला दोनों दलों के बीच तालमेल को दर्शाता है और यह संदेश देता है कि गठबंधन में कोई मतभेद नहीं है।

छोटे दलों की भूमिका अहम

जानकारों के अनुसार, चिराग पासवान इस सीट बंटवारे के “सबसे बड़े लाभार्थी” हैं, क्योंकि पहले उन्हें 26 सीटें मिलनी थीं, लेकिन अंतिम समझौते में यह संख्या बढ़कर 29 हो गई। वहीं, जितन राम मांझी ने कहा कि “हाईकमान का जो भी फैसला है, वही सबके हित में है।”

विपक्षी खेमे में भी हलचल

उधर, विपक्षी महागठबंधन (RJD, कांग्रेस और अन्य दल) में भी सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत चल रही है। कांग्रेस इस बार 50 से 100 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। 2020 में कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 19 सीटें जीतने में सफल रही थी। RJD ने तब 144 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 75 सीटें जीती थीं।

इसी बीच, AIMIM ने 32 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर तीसरे मोर्चे के संकेत दिए हैं।

बिहार की राजनीति में गर्मी तेज

NDA की सीट घोषणा के साथ ही बिहार का सियासी माहौल गरम हो गया है। सभी दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार का चुनाव बिहार की सत्ता की दिशा तय करने वाला साबित होगा।

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Editor CP pandey

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