गोताखोर की मौत पर बवाल: कार्रवाई और नौकरी की मांग को लेकर चक्का जाम, पुलिस-प्रदर्शनकारियों में नोकझोंक


बरहज /देवरिया (राष्ट्र की परम्परा )। गोताखोर सुरेंद्र साहनी की मौत के बाद बरहज क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण हो गया। शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही सुरेंद्र साहनी का शव गौरा स्थित उसके घर पहुंचा, परिजनों और मोहल्ले के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कार्रवाई और नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने बरहज–गौरा मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान शव हटाने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक भी हुई।

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बताया गया कि गुरुवार को गोताखोर सुरेंद्र साहनी नदी में डूबे परसिया देवार निवासी धरमू प्रसाद की तलाश कर रहा था, तभी डूबने से उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस उसे घर से पकड़कर ले गई थी और समय पर डूबने की सूचना नहीं दी गई। उन्होंने मौत को छिपाने का भी आरोप लगाया। वहीं प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
शुक्रवार शाम शव पहुंचने पर लोग पहले गौरा पुलिस चौकी के सामने शव रखने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए वहां से हटवा दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी मोहन सेतु मोड़ पर शव रखकर सड़क जाम कर नारेबाजी करने लगे। सूचना पर थानाध्यक्ष दिनेश मौर्य फोर्स के साथ पहुंचे और शव हटाने को कहा, लेकिन प्रदर्शनकारी अड़े रहे। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने शव हटाने का प्रयास किया, जिससे धक्का-मुक्की हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी, अपर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी राजेश चतुर्वेदी, तहसीलदार अरुण कुमार समेत पांच थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की मान-मनौव्वल के बाद नौकरी और मुआवजा देने पर सहमति बनी, तब जाकर जाम समाप्त हुआ।

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एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि मृतक को पुलिस द्वारा पकड़कर ले जाने का आरोप गलत है। उन्होंने बताया कि तलाशी कार्य में एसडीआरएफ की टीम लगी थी, ऐसे में किसी अन्य व्यक्ति को जबरन ले जाने का कोई औचित्य नहीं बनता। प्रशासन की ओर से मृतक की पत्नी को नगर पालिका परिषद में आउटसोर्सिंग नौकरी, दो बच्चों को वाल्मीकि शिक्षा योजना के तहत नामांकन और शासन की दुर्घटना हित लाभ योजना का लाभ देने की घोषणा की गई है।
हालांकि देर रात तक परिजन नकद मुआवजा की मांग पर अड़े रहे और धरना जारी रहा। प्रशासन का कहना है कि नियमानुसार सभी शासकीय लाभ दिए जाएंगे, लेकिन दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सहमति नहीं बन सकी।

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“मृतक को पुलिस द्वारा पकड़कर ले जाने की बात सही नहीं है। पत्नी को नपा में आउटसोर्सिंग नौकरी, दो बच्चों को वाल्मीकि शिक्षा योजना और दुर्घटना हित लाभ योजना का लाभ दिया जाएगा।”
— विपिन कुमार द्विवेदी, एसडीएम बरहज

Editor CP pandey

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