महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के मिठौरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरा सोंनाड़ी में विकास कार्यों के नाम पर कथित भ्रष्टाचार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विद्युत पोलों पर लगाए गए स्ट्रीट लाइट कार्य में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर फर्जी बिलों के जरिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।
बताया जा रहा है कि जिन दुकानों पर सामान्यतः गिट्टी, बालू और मौरंग जैसी निर्माण सामग्री की बिक्री होती है, उन्हीं फर्मों से इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीद दर्शाते हुए बिल तैयार किए गए। आरोप है कि इन बिलों में वास्तविक कीमत से कहीं अधिक दर दिखाकर भुगतान निकाला गया।
ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम पंचायत में कुल 10 स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। स्थानीय बाजार में ब्रांडेड स्ट्रीट लाइट मजदूरी सहित करीब 2000 से 2200 रुपये में लग जाती है, जबकि ग्राम पंचायत में प्रति लाइट 3650 रुपये की दर से भुगतान दर्शाया गया है। इस प्रकार कुल 36,500 रुपये राज्य वित्त निधि से खर्च दिखाया गया, जिसे ग्रामीण संदिग्ध बता रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला केवल एक कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसी फर्म के माध्यम से अन्य कई फर्जी बिल लगाकर बड़ी रकम के गबन की आशंका है। आरोपों के केंद्र में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की कथित मिलीभगत भी बताई जा रही है।
गांव में बढ़ते असंतोष के बीच पवन कुमार, सुशील, छेदी, कमलावती, संगीता, सविता और मंजू देवी समेत अनेक ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मामले की शिकायत लोकायुक्त लखनऊ और जिलाधिकारी महराजगंज से करेंगे। उनका कहना है कि सरकारी धन के दुरुपयोग को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
