मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में विकास और सुशासन के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनपद मऊ में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। नवरात्रि के पावन अवसर पर नगरपालिका कम्यूनिटी हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम ने समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच और जागरूकता बढ़ाने का सशक्त संदेश दिया।
जिलाधिकारी के आदेश तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में मिशन शक्ति फेज-05 के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम की विशेषता नुक्कड़ नाटक रहा, जिसने उपस्थित लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए “नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है” का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाया। नाटक के माध्यम से यह दिखाया गया कि समाज में बेटियों के प्रति सोच बदलना आवश्यक है और उन्हें समान अवसर देकर ही देश को सशक्त बनाया जा सकता है।
नवरात्रि पर्व के महत्व को रेखांकित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मां दुर्गा के नौ रूप शक्ति, साहस और ज्ञान के प्रतीक हैं। जिस प्रकार हम देवी की पूजा करते हैं, उसी प्रकार हमें अपनी बेटियों को भी सम्मान और सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए।
कार्यक्रम के अंतर्गत जिला महिला चिकित्सालय में कन्या जन्मोत्सव का आयोजन भी किया गया, जहां नवजात बच्चियों का पूजन कर उन्हें देवी स्वरूप मानकर सम्मानित किया गया। बच्चियों को चुनरी ओढ़ाकर स्वागत किया गया तथा बेबी किट वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई, जिससे बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने की सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिला।
इस दौरान महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए अभिभावकों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में आवेदन के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही निराश्रित महिला पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आयोजित कार्यशाला में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। स्वयं सहायता समूहों की भूमिका और स्वरोजगार के अवसरों पर चर्चा की गई तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले कैडर को सम्मानित किया गया, जिससे अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा मिली।
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम के दौरान हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी भी सहज रूप में साझा की गई। बताया गया कि संकट की स्थिति में 181 महिला हेल्पलाइन, 1090 महिला पावर लाइन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 108 एम्बुलेंस सेवा और 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर संपर्क कर त्वरित सहायता प्राप्त की जा सकती है। साथ ही वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई, जहां महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सा, कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
कार्यक्रम में उपायुक्त स्वतः रोजगार सुमनलता, जिला मिशन समन्वयक अर्चना राय, जेंडर स्पेशलिस्ट राखी राय एवं तृप्ति राय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, अस्पताल स्टाफ और बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। सभी की सक्रिय भागीदारी ने इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह आयोजन नवरात्रि के अवसर पर नारी सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश देते हुए समाज को यह प्रेरणा देता है कि बेटियों को समान अधिकार और अवसर देकर ही वास्तविक रूप से एक सशक्त और समतामूलक समाज का निर्माण संभव है।
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