बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर जनपद में संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई। शहरी से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक धार्मिक उत्साह देखने को मिला। विभिन्न आयोजनों में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता रही, जिससे सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश मजबूत हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद के 36 स्थानों पर संत रविदास की प्रतिमाएं स्थापित की गईं, जिनमें से 27 स्थानों से भव्य शोभायात्राएं और जुलूस निकाले गए। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए ध्वज और बैनर के साथ जुलूस में शामिल हुए। कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर जुलूसों का स्वागत किया गया।
हुसैनपुर में निकले जुलूस में सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। यहां संत रविदास की प्रतिमा को सुसज्जित पालकी में विराजमान कर पूरे क्षेत्र में भ्रमण कराया गया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने जयघोष करते हुए भक्ति भाव से सहभागिता की। जगह-जगह भंडारे और प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था रही।
मलेजी, बरहुचा, खरीद, काजीपुर, बघुड़ी, शहीद सहित दर्जनों गांवों और कस्बों में पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और सत्संग आयोजित हुए। वक्ताओं ने संत रविदास के संदेश—समानता, मानवता और जाति-पांति से ऊपर उठकर समाज सेवा—पर प्रकाश डाला।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी कार्यक्रमों में भागीदारी की। बहुजन समाज पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष सिकंदर कुमार गौतम ने भरोसा और गाजीपुर में स्थापित प्रतिमाओं का फीता काटकर उद्घाटन किया और संत रविदास के विचारों को समाज के लिए मार्गदर्शक बताया।
हुसैनपुर में रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने भक्ति गीत, झांकियां और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से संत रविदास के जीवन प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। जनपद भर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे और सभी आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।
