Sunday, February 1, 2026
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संत रविदास ने जात पात का खंडन कर दिखाया आत्मज्ञान का मार्ग – डॉ धर्मेन्द्र पांडेय

कांग्रेसियों ने मनाई संत रविदास की जयंती

सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। मध्य काल के प्रमुख भारतीय संत,कवि रविदास जी की जयंती ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय पर उनके चित्र पर माल्यार्पण के साथ गोष्ठी का आयोजन कर धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान सम्बोधित करते हुए कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा कि संत रविदास जी ने जात पात का खंडन कर लोगों को आत्मज्ञान का मार्ग दिखाया।उनके विचारों का आशय यही था कि ईश्वर की भक्ति बड़े भाग्य से प्राप्त होता है।अभिमान रहित व्यक्ति ही जीवन में सफल रहता है।दलित नेता रजनीश प्रसाद ने कहा कि संत रविदास ने हमेशा कर्म को ही प्रधान माना,उन्होंने मानव समाज के व्यापक हित की कामना सदैव किया। ब्लॉक अध्यक्ष मनीष कुमार रजक ने कहा कि संत रविदास के विचारों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। वह अपने पूरे जीवन मे दिखावा को महत्व नहीं दिए। परमानंद प्रसाद ने कहा कि वह दलित समाज के प्रमुख गुरु थे,उन्होंने सबको सदमार्ग पर चलने का सलाह दिया। गोष्ठी को लालसाहब यादव, श्यामबदन तिवारी, मनोज पांडेय,सुनील तिवारी, अच्छेलाल राजभर, राज पटवा,जाबिर खान,चंदन कुमार, अखिलेश मिश्र, मोहन प्रसाद,विजयलाल, अवधेश यादव, अवधेश पांडेय ,राकेश यादव आदि ने सम्बोधित किया।

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