श्रद्धा के साथ मनाई गयी संत ज्ञानेश्वरकी जयंती, उतस्व

भजन, नामस्मरण और पारंपरिक खेलों से गूंजा शहर

नवीमुंबई/महाराष्ट्र (राष्ट्र की परम्परा)। संतश्रेष्ठ श्रीज्ञानेश्वर महाराज का सन 2025 यह वर्ष सप्तशतकोत्तर सुवर्ण महोत्सवी (750वीं) जयंती वर्ष है। इसी उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री की संकल्पना अनुसार, महाराष्ट्र शासन द्वारा निर्गमित परिपत्रक के अंतर्गत नवी मुंबई महानगरपालिका की ओर से आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे के मार्गदर्शन में बड़े उत्साह से ज्ञानेश्वर माऊली का जयंती उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर सजाई गई पालखी में विराजमान श्री ज्ञानेश्वर माऊली की प्रतिमा और ज्ञानेश्वरी ग्रंथ का पूजन कर महापालिका मुख्यालय से दिंडी स्वरूप शोभायात्रा का प्रारंभ किया गया। संत ज्ञानेश्वर की वेशभूषा में छात्र सभी का आकर्षण केंद्र बने हुए थे। टाळ-मृदंग की गूंज, लेझीम पथक के साथ मुख्यालय के सामने की सेवा मार्ग से निकली दिंडी में छोटे-बड़े नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। विशेष रूप से ज्ञानदीप सेवा मंडल के प्राथमिक-माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राएं, मुख्याध्यापक रत्नाकर टांडेल के मार्गदर्शन में वारकरी वेश और लेझीम पथक के साथ दिंडी में सम्मिलित हुए। युवक-युवतियों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। ‘पुंडलिका वरदे हरी विठ्ठल’, ‘ज्ञानोबा माऊली तुकाराम’, ‘जय जय राम कृष्ण हरी’ जैसे नामगजर के साथ दिंडी में सहभागी ज्ञानाई प्रासादिक भजन मंडल करावे के भजनीबुवा पंढरीनाथ भोईर, विजय नाईक, रविंद्र भोईर, नेरुल के अमृतबुवा पाटील तथा पत्रकार श्री मनोज जालनावाला ने अभंग गायन कर दिंडी को भावमय वातावरण प्रदान किया। अतिरिक्त आयुक्त सुनील पवार सहित अनेक अधिकारी और कर्मचारी भी शुभ्रधवल वारकरी वेश में दिंडी में सहभागी हुए। सहायक नगररचना संचालक सोमनाथ केकाण, परिमंडल 1 के उपायुक्त सोमनाथ पोटरे, समाजविकास उपायुक्त किसनराव पलांडे, वैद्यकीय स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत जवादे, घनकचरा प्रबंधन विभाग उपायुक्त डॉ. अजय गडदे व स्मिता काळे, महापालिका सचिव चित्रा बाविस्कर, क्रीड़ा व सांस्कृतिक विभाग उपायुक्त अभिलाषा म्हात्रे, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रत्नप्रभा चव्हाण समेत कई अधिकारी-कर्मचारी दिंडी में सहभागी हुए। नवी मुंबई की विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी और प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। स्वच्छता दिंडी की टोपी सभी का ध्यान आकर्षित कर रही थी। विशेष यह रहा कि रास्ते में जगह-जगह रुककर तथा मुख्यालय के प्रांगण में रिंगण घालकर फुगड्या, झिम्मा जैसे पारंपरिक दिंडी के खेल भी खेले गए। ज्ञानेश्वर महाराज के पसायदान के साथ दिंडी का भावपूर्ण समापन हुआ। इसके पश्चात मुख्यालय के एम्फीथिएटर में सुप्रसिद्ध गायक मंगेश बोरगांवकर और उनके साथियों द्वारा प्रस्तुत ‘भक्तिरंग स्वरयात्रा’ ने सभी को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर माऊली की 750वीं जयंती उत्सव के लिए नवी मुंबईकरों ने उत्साहपूर्वक एकत्रित होकर सहभागिता की—इसका विशेष उल्लेख आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने अपने मनोगत में किया।

Karan Pandey

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