ग्रामीण ऊर्जा क्रांति की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित व आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के लिए ग्रामीण महिलाओं को संगठित, सशक्त और स्वावलंबी बनाना सरकार की प्राथमिकता है। होटल ताज, लखनऊ में विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा (DRE) अंतर्गत आयोजित देवी(DEWEE) कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “डीआरई संवाद कोई साधारण सम्मेलन नहीं, बल्कि एक आंदोलन है। हम चाहते हैं कि ग्रामीण महिलाएं ऊर्जा की उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता बनें।” उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग एक करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों में आमदनी और जीवनस्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। सरकार का लक्ष्य है कि 57,000 ग्राम पंचायतों में सूर्य सखी तैनात की जाएं, प्रत्येक विकासखंड में चार सोलर शॉप स्थापित हों और अगले पांच वर्षों में 1,00,000 महिला उद्यमी DRE आधारित सौर समाधान अपनाएं। श्री मौर्य ने कहा कि सरकार महिलाओं के लिए बैंकिंग, अनुदान और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध करा रही है। फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में उद्यम स्थापित करने के साथ यदि महिलाएं सौर ऊर्जा का उपयोग करती हैं, तो 90% तक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए सौर ऊर्जा को अनिवार्य बताते हुए सभी टेक-होम राशन (THR) प्लांट को सौर ऊर्जा से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की 33% भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे निर्णय-निर्माण में महिला शक्ति की भूमिका और बढ़ेगी। श्रीमती दीपा रंजन, मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने कहा कि “यूपी में स्वयं सहायता समूहों का विशाल नेटवर्क है, जो बड़े स्तर पर DRE आधारित उद्यम लागू करने के लिए उपयुक्त आधार प्रदान करता है। जागरूकता बढ़ाना, सहयोग को मजबूत करना और SHG-नेतृत्व वाले उद्यमों में DRE के उपयोग को प्रोत्साहित करना हमारा उद्देश्य है।” आयुक्त एवं निदेशक उद्योग एवं MSME के.वी. पांडियन ने कहा कि अक्षय ऊर्जा भविष्य है और SHG इस परिवर्तन के सबसे मजबूत वाहक हैं। जैव ईंधन से कार्बन क्रेडिट तक भविष्य सामुदायिक नेतृत्व वाली स्वच्छ ऊर्जा का होगा।कार्यक्रम में PCI इंडिया, HSBC, GEAPP, गेट्स फाउंडेशन, प्रेरणा ओजस, MNRE, यूपीनेडा, MSME आदि के प्रतिनिधियों ने महिला उद्यमिता और स्वच्छ ऊर्जा तंत्र को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता जताई।