Thursday, February 12, 2026
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नदियों के संरक्षण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कृषि एवं प्राकृतिक विज्ञान संस्थान में भारतीय जीव संस्थान देहरादून और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत कार्यशाला के दूसरे व आखिरी दिन के तकनीकी सत्र में राहुल गुप्ता, वरिष्ठ परियोजना सहयोगी ने “युवाओं में जैव विविधता संरक्षण के शिक्षा का महत्व” पर व्याख्यान प्रस्तुत किया I तराई क्षेत्र में धान की प्रभावी रूप से खेती महत्व के बारे में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. रामचन्द्र चौधरी ने जानकारी दी। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि “श्रीविश्व समर्थ विलेज फाउन्डेशन”, पुणे, महाराष्ट्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डाॅ. अविनाश साने रहे। इन्होने गंगा के तटीय मैदान मे रहने वाले किसानो को अपनी संस्था द्वारा आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों की चर्चा की।
इसके पश्चात अंशुल भावसार, परियोजना सहयोगी ने वन्यजीवों के विभिन्न प्रकार के उलझनों और उनके समाधान पर चर्चा की।
डॉ.रुचि बडोला , डीन, वन्यजीव विज्ञान संकाय, भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा चलाये जा रहे ,डब्ल्यूआईआई-एनएमसीजी परियोजना के तहत, कृषि विभाग के कई प्रतिभागियाँ को विभिन्न मॉड्यूल में प्रशिक्षित किया। भारतीय वन्यजीव संस्थान गंगा जैव विविधता के संरक्षण की सोच रखने वाली अगली पीढ़ी को बढ़ावा दे रही है। डॉ. संगीता अंगोम, वैज्ञानिक एवं प्रशिक्षण समन्वयक, डब्ल्यूआईआई-एनएमसीजी ने डीडीयूजीयू में यह कार्यशाला गंगा की जैव विविधता के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया I
तकनीकी सत्र के बाद कार्यशाला का समापन समारोह द्वारा आयोजित किया गया I जिसमें पोस्टर प्रतियोगिता में जीते हुए प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया I हॉर्टिकल्चर विभाग से ऋषभ उनकी टीम ने प्रथम स्थान पाया I द्वितीय स्थान एग्रोनॉमी विभाग के अर्पित कुमार यादव व उनकी टीम को मिला I सांस्कृतिक कार्यक्रम में एग्रोनॉमी विभाग द्वारा जैविक खेती पर नाट्य प्रस्तुति की गई I जिसमें प्रमुख रूप से अभिजीत आयुषी पांडे अमन शिवपाल अर्पित अनु आदि सम्मिलित थेI छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक तथा लोक नृत्य का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य रूप से सृष्टि सिंह , अस्मिता , तिवारी वंशिका आदि ने प्रस्तुत किया I
कार्यक्रम में डॉक्टर रितेश, डॉक्टर निखिल, डॉ तनवीर, डॉक्टर अवधेश , डॉ रुद्राक्ष, डॉ चंद्रशेखर प्रजापति डॉक्टर अनुपम दुबे, डा पांडुरंग, डा सौरभ, डा सरोज चौहान, डा नुपुर सिंह आदि उपस्थित थे I
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन संस्थान के निदेशक प्रोफेसर शरद कुमार मिश्र ने कियाI बड़ी संख्या में कृषि छात्रों ने इस कार्यशालय का प्रतिभा कियाI

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